facebookmetapixel
Advertisement
IPO बाजार का धमाका! उतार-चढ़ाव के बावजूद 1.8 लाख करोड़ जुटाए, लगातार दूसरे साल रिकॉर्ड बनाकर सबको चौंकायाLPG-ATF Price Hike: वेस्ट एशिया तनाव के बीच महंगी हुई कमर्शियल LPG, ATF कीमतों में भी बड़ा उछालStocks To Watch Today: Vedanta से लेकर IndiGo तक बड़े फैसले, जानें किन स्टॉक्स में आज दिखेगा जोरदार एक्शन‘एशिया के उदय का प्रतीक है नालंदा’, राजगीर में बोले विदेश मंत्री: दुनिया अब सिर्फ पश्चिम की नहीं रही‘चिप निर्माण का ग्लोबल हब बनेगा भारत’, साणंद में केन्स सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के दौरान बोले PM मोदीएथनॉल का ‘पावर डोज’ फिर भी तेल आयात में तेजी: क्या पेट्रोल में मिश्रण से कम होगी विदेशी निर्भरता?अप्रैल में बारिश की बौछार के साथ गर्मी का प्रहार भी! IMD ने जारी किया अगले महीने का मिला-जुला अपडेटडिजिटल इंडिया की नई रफ्तार: हर भारतीय यूजर महीने में खर्च कर रहा है 31 GB से ज्यादा मोबाइल डेटावीर विक्रम यादव संभालेंगे DGCA की कमान, विमानन संकटों के बीच नए महानिदेशक की नियुक्तिईरान पर अंतिम प्रहार की तैयारी? अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले: युद्ध में अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक

AI पर अमेरिकी नियम से सीख सकता है भारत, विशेषज्ञों ने दी कई तरह की राय

Advertisement

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश में फेडरल एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि AI व्यवस्था के लिए नए सुरक्षा मानक तैयार करें।

Last Updated- November 03, 2023 | 10:21 PM IST
Artificial Intelligence

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) नियम पर अमेरिका का हाल का आदेश नवोन्मेष और नागरिकों के हिस के बीच संतुलन स्थापित करने की एक कवायद है और भारत इससे सीख सकता है। इस आदेश से भारत सहित विश्व में उभरती तकनीकों के नियमन को लेकर बहस को नए सिरे से गति मिली है।

द डायलॉग के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर कमलेश शेकर ने कहा, ‘अमेरिकी व्यवस्था नवोन्मेष के पहलुओं और उपभोक्ताओं के कल्याण की रक्षा दोनों के बीच संतुलन स्थापित करना पसंद करती है। दरअसल इससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है जिसमें निजता या भेदभाव का मसला नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि इससे मुख्य रूप से यह सीखा जा सकता है कि संतुलित तरीका कैसे अपनाया जाए।’

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश में फेडरल एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि एआई व्यवस्था के लिए नए सुरक्षा मानक तैयार करें। इसमें डेवलपरों के लिए यह जरूरी होगा कि वे सुरक्षा परीक्षण परिणाम के साथ अन्य अहम सूचनाएं अमेरिका की सरकार के साथ साझा करें।

इसके अलावा नैशनल इंस्टीट्यूट आफ आर्टीफिशल इंटेलिजेंस को एआई के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए सुरक्षा घेरा तैयार करना होगा। कट्स इंटरनैशनल के डायरेक्टर अनमोल कुलकर्णी ने कहा कि इंडिया एआई रिपोर्ट की ज्यादातर सिफारिशें तकनीकी प्रकृति की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि विकासशील देश होने के कारण भारत एआई को नियमन में लाने के मामले में असमान स्थिति में है। उनका कहना है कि सरकार को यूरोपीय संघ और अमेरिका के नियमन के जोखिम आधारित तरीके के अनुशरण की जगह समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

Advertisement
First Published - November 3, 2023 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement