बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल से मुनाफे को खतरा
बढ़ती मुद्रास्फीति और ऊंची उत्पादन लागत ही आगामी तिमाहियों में कॉरपोरेट आय के लिए जोखिम नहीं हैं। भारतीय उद्योग जगत की वित्तीय स्थिति को ताजा महीनों में ब्याज दर बढऩे से भी चुनौती का सामना करना पड़ा है, जिसका संकेत भारत सरकार के 10 वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल से मिलता है। 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड […]
कोविड वैरिएंट, नकदी संकट : वैश्विक इक्विटी के लिए मुख्य जोखिम
वर्ष 2021 में शानदार तेजी के बाद बीएसई के सेंसेक्स और निफ्टी-50 में 20 और 22 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, वहीं भारत समेत वैश्विक इक्विटी बाजार 2022 का स्वागत बेहद सतर्कता के साथ करने को तैयार दिख रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मुख्य जोखिम यह है कि कोविड-19 संक्रमण के नए […]
वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में तेजी आई क्योंंकि कोरोना के नए रूप को लेकर चिंता और फेड चेयरमैन जीरोम पॉवेल की आक्रामक टिप्पणी से बाजार में आई गिरावट के बाद जोखिम लेने की अवधारणा में सुधार दर्ज हुआ। विशेषज्ञों ने कहा, गिरावट में खरीदारी और पिछले दो दिनों में जारी मजबूत आर्थिक आंकड़ों […]
क्रिप्टोकरेंसी का समुचित नियमन कैसे हो?
जब भी वित्तीय क्षेत्र में कोई नई परिस्थिति पैदा होती है तो चार सवालों के जवाब हमें समुचित वित्तीय नियामकीय डिजाइन तक ले जाते हैं। जब हम इन्हें स्वामित्व और क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर लागू करते हैं तो उपभोक्ता संरक्षण को लेकर कुछ चिंताएं उभरती हैं और एक सामान्य रणनीति है जिसे उस समय लागू […]
कोविड-19 का नया प्रकार जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमीक्रोन नाम दिया है, दुनिया के कई देशों में सामने आ चुका है। अभी इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं है कि यह प्रतिरोधक क्षमता को भेदने में सक्षम है या नहीं। अगर ऐसा हुआ तो टीका लगवा चुके तथा कोविड से उबर […]
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली की होगी समीक्षा
कोविड-19 के नए रूप ओमीक्रोन को लेकर दुनिया भर के देशों के सतर्क होने से केंद्र और राज्य सरकार भी हरकत में आई हैं। उन्होंने रविवार को उच्च स्तरीय बैठकें बुलाईं और स्वास्थ्य उपायों पर नई सलाह जारी कीं। कई देेशों ने कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने भी बदलती वैश्विक स्थितियों के आधार पर […]
बीएस बातचीत बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख के रूप में अजय त्यागी का 4 साल 9 महीने का कार्यकाल उल्लेखनीय और काफी हद तक सफल रहा है। उन्होंने बाजार तंत्र को महामारी से पार पाने में मदद की, आईपीओ से रिकॉर्ड रकम जुटने पर नजर रखी, भेदिया कारोबार पर शिकंजा […]
विदेशी मुद्रा भंडार का कैसे हो इस्तेमाल
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले वित्त वर्ष की शुरुआत से 160 अरब डॉलर से अधिक बढ़ चुका है और इस समय करीब 640 अरब डॉलर है। अगर यही रुझान बना रहा तो भारत के पास जल्द ही 700 अरब डॉलर से अधिक का भंडार हो सकता है। साफ तौर पर देश 1990 के दशक […]
पेटीएम का झटका: वास्तविकता की परख जरूरी
सूचीबद्घता के दिन पेटीएम की शेयर कीमत में गिरावट उन निवेशकों के लिए सबक लेकर आई है जो मोटी कमाई के चक्कर में आईपीओ में ज्यादा उत्साह दिखाते थे। इस साल सूचीबद्घ हुईं ऐसी कई कंपनियों के लिए पहले दिन के आकर्षक प्रतिफल ने बड़ी तादाद में नए निवेशकों को जोखिम को ज्यादा ध्यान दिए […]
आईपीओ विज्ञापनों में जोखिम को ठीक से प्रदर्शित करें बैंकर
बाजार नियामक सेबी चाहता है कि आईपीओ से संबंधित विज्ञापनों में जोखिम कारकों को मुख्य तौर पर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही सेबी ने सूचीबद्घता से तीन साल पहले सभी लेनदेन की लागत को जोखिम कारकों में शामिल किए जाने को भी कहा है। निवेश बैंकिंग उद्योग संस्था एआईबीआई को भेजी सूचना में सेबी ने […]