Advertisement
RBI का बड़ा प्रस्ताव: अब एक ही जमा श्रेणी पर ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दे पाएंगे बैंकरुपये की गिरावट से बदले अमीरों के सुर! डॉलर पर फिदा हुए देश के धनाढ्य, विदेश में निवेश की मची होड़MSCI EM इंडेक्स के टॉप 10 शेयरों में एक भी भारतीय कंपनी नहीं, पिछले दो दशकों में पहली बार हुआ ऐसापेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेज, मई में रिकॉर्ड 11% हुई हिस्सेदारीतेल कंपनियों को मामूली राहत: ईंधन के दाम बढ़ने से OMC का घाटा हुआ कम, पर चुनौती अभी भी बरकरार12वीं के नतीजों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, परीक्षा प्रबंधन और रुके हुए रिजल्ट को लेकर CBSE से मांगा जवाबभाजपा के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का एकजुटता का संकल्प, ममता बोलीं: आपसी बयानबाजी से बचें विपक्षी दलमोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर देशव्यापी जश्न मनाएगा NDA, बुधवार को दिल्ली में जुटेंगे गठबंधन के सभी नेतापश्चिम एशिया में दोबारा भड़की युद्ध की आग: भारत ने जताई गहरी चिंता, भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाहईरान-इजरायल तनाव से हिला फॉरेक्स मार्केट, एक ही दिन में 0.8% टूटकर 95.71 पर पहुंचा रुपया
अन्य समाचार बच्चे पर धर्म नहीं थोपा जा सकता : अदालत
'

बच्चे पर धर्म नहीं थोपा जा सकता : अदालत

PTI

- December,08 2012 4:13 PM IST

बच्ची के पिता ने अपनी पत्नी की छुरा मार कर हत्या कर दी थी और अब वह जेल की सजा काट रहा है। बच्ची के पिता, उसकी बुआ और बच्ची के नाना ने उसके संरक्षण का जिम्मा लेने के लिए याचिकाएं दाखिल की थीं।

पिता और बुआ का कहना है कि वह बच्ची की परवरिश रोमन कैथोलिक तरीके से करना चाहते हैं। उनके अनुसार, कैथोलिक रस्में पूरी करनी चाहिए और बच्ची की पढ़ाई कॉन्वेन्ट स्कूल में होनी चाहिए जहां उसे ईसाई धर्म के आदर्शों के बारे में बताया जाएगा।

न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने अपनी व्यवस्था में कहा कि बच्ची पर कोई धर्म थोपा नहीं जा सकता और धर्म के मत से बच्ची को दूर रखना उसके ही हित में होगा ताकि उसका बचपन बिना किसी बंदिश और तनाव के रह सके।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची अपनी नाना नानी के परिवार में घुलमिल चुकी है और उसके संरक्षण में उसके पिता के कहने पर व्यवधान पहुंचाने का कोई कारण नहीं है।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement