पिछले साल नए निवेशकों की बाढ़ देखने को मिली, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई शेयरों में लगाई। इस बार खास बात यह रही कि निवेशक म्युचुअल फंड के जरिए निवेश के बजाय सीधे शेयर बाजार में कूद गए। म्युचुअल फंड उद्योग इस रुख से बेफिक्र है और इसे तेजी के बाजार की घटना बताया है। पारदर्शिता, […]
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बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई समिट का आखिरी दौर बुधवार को होगा और इस कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले विभिन्न मसलों पर अपनी बात रखेंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि इनसे निपटने के लिए केंद्रीय बैंक की क्या योजना है। इसके अलावा अग्रणी बैंकरों का पैनल भारतीय […]
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सेबी की म्युचुअल फंड सलाहकार समिति की चेयरपर्सन उषा थोरात ने कहा कि म्युचुअल फंड (एमएफ) संगठनों के ढांचे पर दोबारा विचार करने की जरूरत है और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को ज्यादा जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। थोरात आरबीआई की डिप्टी गवर्नर रह चुकी हैं। उन्होंने बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई म्युचुअल फंड समिट में अपने संबोधन […]
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बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) के पूर्व सदस्य नीलेश साठे का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा जाल के अभाव में भारत में बीमा अनिवार्यता है, लेकिन सरकार इस क्षेत्र पर भी बड़ा कर लगा रही है, भले ही वित्त क्षेत्र में अन्य को इतने बड़े कर बोझ से अलग रखा गया है। साठे बिजनेस […]
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गैर-जीवन बीमा उद्योग ने सरकार की मदद के बगैर कोविड संबंधित स्वास्थ्य दावों पर करीब 30,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया और आखिरकार उद्योग द्वारा वहन ऐसे दावों के खर्च से बीमा प्रीमियम में इजाफा हो सकता है, बशर्ते कि सरकार प्रीमियम पर जीएसटी घटाने या ऊंचे हेल्थकेयर खर्च की समस्या को दूर करने जैसी […]
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पिछले साल दीवाली पर कोरोनावायरस की मार झेल चुके और डेढ़ साल से लॉकडाउन की चोट सह रहे राष्ट्रीय राजधानी के कारोबारियों को इस दीवाली पर कारोबार पटरी पर आने की उम्मीद थी। उत्साह से लबरेज ग्राहक बाजारों में आए भी मगर महंगाई ने त्योहार कुछ फीका कर दिया। बहरहाल कई कारेाबारी क्षेत्रों में अच्छी […]
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त्योहार और बाजार त्योहारी मौसम में उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में सुधार हुआ है लेकिन उद्योग जगत अब भी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें अहम वजह हैं मध्य प्रदेश में कारोबारी गतिविधियां अब भी कोविड काल के दौरान उत्पन्न उथलपुथल से पूरी तरह उबर नहीं पाई हैं। […]
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महामारी, लॉकडाउन और मंदी से खस्ताहाल कारोबार दीवाली पर फिर पटरी पर आ गया। कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही देश भर में शादी-ब्याज और धार्मिक तथा सामाजिक आयोजनों पर लगी पाबंदियों में ढील मिलते ही लोग बाजारों में उमड़ पड़े। मुंबई और महाराष्ट्र के प्रमुख बाजारों में कपड़ा, सराफा, हीरा, बर्तन, मेवों का […]
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मंगलवार को धनतेरस की चमक फीकी रही, खास तौर पर ज्यादातर उपभोक्ता अप्लायंस विनिर्माताओं और वाहन विनिर्माताओं के लिए। विक्रेता खरीदारों में त्योहारी उत्साह की कमी की वजह लगातार महंगाई, कोविड-19 की दूसरी लहर और सेमीकंडक्टर की किल्लत को मानते हैं। अनुमानों के मुताबिक धनतेरस पर दोपहिया और कारों की डिलिवरी पिछले साल के मुकाबले […]
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इस दीवाली मेवों के कारोबार में सुस्ती रही। महंगाई के कारण तोहफे में कम बजट के मेवे खरीदे गए और कोरोना की वजह से तंगहाल ग्राहकों ने दूसरे सामान पर खर्च करना ज्यादा मुनासिब समझा। कारोबारियों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस बार मेवों की बिक्री 15-20 फीसदी कम रही। दाम भी पिछले […]
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