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सेबी की बड़ी कार्रवाई, Jane Street पर बाजार में हेराफेरी का आरोप; ₹4,844 करोड़ लौटाने का आदेश

सेबी का कहना है कि Jane Street ने एक्सपायरी वाले दिन जानबूझकर बाजार को ऐसे बंद करने की रणनीति अपनाई, जिससे उसे उसके बड़े इंडेक्स ऑप्शन पोजिशन में फायदा मिल सके।

Last Updated- July 04, 2025 | 8:41 AM IST
SEBI
Representative Image

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अमेरिका की ट्रेडिंग फर्म Jane Street को भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का आरोप है कि यह फर्म बाजार में हेराफेरी कर रही थी और गैरकानूनी तरीके से भारी मुनाफा कमा रही थी। सेबी ने एक अंतरिम आदेश में Jane Street को 4,844 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लौटाने (disgorge) का भी निर्देश दिया है।

यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक Jane Street पूरी कमाई वापस नहीं कर देती।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने 105 पेज के आदेश में लिखा है कि, “इस मामले के तथ्यों को देखते हुए तत्काल रोक (cease and desist) के आदेश जरूरी हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती और उससे जुड़े मामले निपट नहीं जाते, सभी एक्सचेंजों को JS Group की सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी होगी, ताकि यह फर्म भविष्य में किसी भी तरह की हेराफेरी न कर सके। यह निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।”

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सेबी के मुताबिक, Jane Street का तरीका कुछ इस तरह था—कंपनी पहले ऑप्शंस सेगमेंट में आक्रामक पोजिशन बनाती थी और फिर शेयर बाजार (cash और futures segment) में बड़ी खरीदारी करके दाम को प्रभावित करती थी। खासकर साप्ताहिक इंडेक्स ऑप्शन की एक्सपायरी वाले दिनों में, जब कैश और फ्यूचर्स सेगमेंट में ट्रेडिंग कम होती है, उस वक्त यह कंपनी भारी ट्रेडिंग करके इंडेक्स को अपनी दिशा में मोड़ देती थी और ऑप्शंस में मोटा मुनाफा कमाती थी।

जांच में पाया गया कि Jane Street ने Bank Nifty के 12 स्टॉक्स और उनके फ्यूचर्स में भारी खरीदारी की, जिससे इन शेयरों के दाम ऊपर गए और कंपनी ने ऑप्शंस में बड़ी पोजिशन बनाकर मोटा फायदा उठाया।

सेबी के अनुसार, Jane Street ने बैंक निफ्टी से जुड़े शेयरों में (कैश और फ्यूचर्स दोनों सेगमेंट में) असामान्य रूप से अधिक संख्या में बाय ऑर्डर दिए, जो आखिरी सौदे की कीमत के बराबर या उससे ऊपर थे। इससे इन शेयरों की कीमतें बढ़ाने या उन्हें ऊंचा बनाए रखने की कोशिश की गई।

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सेबी का कहना है कि Jane Street ने एक्सपायरी वाले दिन जानबूझकर बाजार को ऐसे बंद करने की रणनीति अपनाई, जिससे उसे उसके बड़े इंडेक्स ऑप्शन पोजिशन में फायदा मिल सके। सेबी के मुताबिक, यह PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) रेगुलेशन का प्राथमिक रूप से उल्लंघन माना जा सकता है।

सेबी के ऑर्डर के अनुसार, जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच Jane Street ने ऑप्शंस ट्रेडिंग से ₹44,358 करोड़ का मुनाफा कमाया। हालांकि, इसी दौरान कंपनी को स्टॉक फ्यूचर्स में ₹7,208 करोड़, इंडेक्स फ्यूचर्स में ₹191 करोड़ और कैश सेगमेंट में ₹288 करोड़ का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, इस अवधि में Jane Street को ₹36,671 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ।

First Published - July 4, 2025 | 8:41 AM IST

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