नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने स्टॉक ब्रोकरों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका मकसद बाजार में गड़बड़ी और धोखाधड़ी रोकना है। ये नियम काफी दिलचस्प हैं और सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों को सुरक्षित करने की ओर इशारा करते हैं।
क्या है ये नया प्लान?
अब स्टॉक ब्रोकरों को अपने ग्राहकों की हरकतों पर पैनी नजर रखनी होगी। अगर किसी का ट्रेडिंग पैटर्न अजीब लगे या कुछ गड़बड़ दिखे, तो ब्रोकर को तुरंत इसकी जानकारी एक्सचेंज को देनी होगी।
ब्रोकरों को इन तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी होगी:
कब से लागू होंगे ये नियम?
सेबी ने निर्देश दिया है कि जिन ब्रोकरों के पास 50,000 से ज्यादा ग्राहक हैं, उन्हें 1 जनवरी 2025 से ये नियम मानने होंगे। बाकी ब्रोकरों को उनकी ग्राहक संख्या के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करना होगा।
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बड़े ब्रोकरों के लिए खास निर्देश
बड़े ब्रोकरों को अब चीफ सर्विलांस ऑफिसर (CSO) रखना होगा और एक अलग निगरानी विभाग बनाना होगा।
ऑटोमैटिक सिस्टम लाना जरूरी
ब्रोकरों को हर तिमाही अपने अलर्ट की रिपोर्ट एक्सचेंज को देनी होगी। साथ ही, उन्हें एक व्हिसलब्लोअर कमेटी बनानी होगी, ताकि शिकायतें सुनी जा सकें और शिकायत करने वालों की सुरक्षा हो सके। एनएसई के मुताबिक, बोर्ड के बड़े अधिकारियों, सीईओ या प्रमोटरों के खिलाफ शिकायतें ऑडिट कमेटी को भेजी जाएंगी। बाकी कर्मचारियों की शिकायतें कंप्लायंस ऑफिसर को सौंपी जाएंगी।