facebookmetapixel
Advertisement
भारत-फ्रांस आर्थिक रिश्तों को नई गति देने 4 दिवसीय दौरे पर रवाना हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणशांति समझौते के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य नहीं हुई जहाजों की आवाजाही, पूरी बहाली में लग सकते हैं तीन महीनेखामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए ईरान का कांग्रेस नेताओं को निमंत्रण‘विजय’ मंत्र के साथ सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने संभाली कमान, कहा- भारतीय सेना हर चुनौती के लिए तैयाररंगमंच के आकाश से टूटा सितारा: विजया मेहता नहीं रहीं, कला जगत में शोक की लहर Editorial: कच्चा तेल सस्ता, लेकिन वैश्विक वित्तीय जोखिम अब भी भारत के लिए चुनौतीम्युचुअल फंड बनाम विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर बहस और जमीनी हकीकतश्रम आय को नहीं, तो पूंजीगत लाभ को भी विशेष कर रियायत क्यों?सेबी का शिकंजा: पंप-एंड-डंप स्कीम में 222 इकाइयों पर प्रतिबंध, ₹47.7 करोड़ का जुर्मानामई के उच्चस्तर के बाद जून में घटा कैश मार्केट में टर्नओवर, F&O कारोबार में बढ़त बरकरार

नवंबर में म्युचुअल फंडों ने नए निर्गमों पर बरसाया धन

Advertisement

जोमैटो ने नवंबर में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। तीनों कंपनियों में एमएफ का निवेश प्राथमिक बाजार में हुआ है

Last Updated- December 12, 2024 | 10:29 PM IST
Understanding switching costs in MF plans to avoid unnecessary expenses स्विचिंग कॉस्ट पर ध्यान दें, वरना घट सकता है आपका रिटर्न; समझें पूरा गणित और बेवजह के खर्चों से बचें

नवंबर में इक्विटी बाजार में नए निर्गमों ने बड़े पैमाने पर म्युचुअल फंडों (एमएफ) का इक्विटी निवेश आकर्षित किया। पिछले महीने ही बाजार में दस्तक देने वाले स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन के साथ साथ जोेमैटो ने एमएफ इक्विटी खरीद चार्ट पर अपना दबदबा बनाया और इनमें करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ।

जोमैटो ने नवंबर में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। तीनों कंपनियों में एमएफ का निवेश प्राथमिक बाजार में हुआ है, क्योंकि एंकर अलॉटमेंट के दौरान म्युचुअल फंड ही प्रमुख निवेशक थे। वे जोमैटो के क्यूआईपी में भी बड़े निवेशक रहे।

स्विगी ने एंकर निवेशकों से करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाए। इस निर्गम में आधे से ज्यादा कोटा घरेलू फंड हाउसों के लिए आवंटित किया गया था। जोमैटो के क्यूआईपी में भी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ, एचडीएफसी एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एमएफ जैसे दिग्गज फंड हाउसों ने हिस्सा लिया। नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटीटेटिव रिसर्च के विश्लेषण से पता चला है कि पिछले महीने म्युचुअल फंडों की अन्य प्रमुख खरीदारी में रिलायंस इंडस्ट्रीज, ऐक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल थे।

अक्टूबर में इक्विटी बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। नवंबर के पहले पखवाड़े में भी गिरावट का रुझान बरकरार रहा। बिकवाली के दौरान कई लार्जकैप की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई थी। दूसरी तरफ, फंडों ने एचडीएफसी बैंक के शेयर में बिकवाली पर जोर दिया और उन्होंने करीब 11,000 करोड़ रुपये की निकासी की। किसी अन्य शेयर में बड़ी एमएफ बिकवाली नहीं देखी गई। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन दूसरा ऐसा शेयर था जिसमें म्युचुअल फंडों ने बड़ी बिकवाली की और 1,700 करोड़ रुपये निकाले।

Advertisement
First Published - December 12, 2024 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement