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नवंबर में म्युचुअल फंडों ने नए निर्गमों पर बरसाया धन

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जोमैटो ने नवंबर में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। तीनों कंपनियों में एमएफ का निवेश प्राथमिक बाजार में हुआ है

Last Updated- December 12, 2024 | 10:29 PM IST
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नवंबर में इक्विटी बाजार में नए निर्गमों ने बड़े पैमाने पर म्युचुअल फंडों (एमएफ) का इक्विटी निवेश आकर्षित किया। पिछले महीने ही बाजार में दस्तक देने वाले स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन के साथ साथ जोेमैटो ने एमएफ इक्विटी खरीद चार्ट पर अपना दबदबा बनाया और इनमें करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ।

जोमैटो ने नवंबर में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) से 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। तीनों कंपनियों में एमएफ का निवेश प्राथमिक बाजार में हुआ है, क्योंकि एंकर अलॉटमेंट के दौरान म्युचुअल फंड ही प्रमुख निवेशक थे। वे जोमैटो के क्यूआईपी में भी बड़े निवेशक रहे।

स्विगी ने एंकर निवेशकों से करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाए। इस निर्गम में आधे से ज्यादा कोटा घरेलू फंड हाउसों के लिए आवंटित किया गया था। जोमैटो के क्यूआईपी में भी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ, एचडीएफसी एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एमएफ जैसे दिग्गज फंड हाउसों ने हिस्सा लिया। नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटीटेटिव रिसर्च के विश्लेषण से पता चला है कि पिछले महीने म्युचुअल फंडों की अन्य प्रमुख खरीदारी में रिलायंस इंडस्ट्रीज, ऐक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक शामिल थे।

अक्टूबर में इक्विटी बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। नवंबर के पहले पखवाड़े में भी गिरावट का रुझान बरकरार रहा। बिकवाली के दौरान कई लार्जकैप की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई थी। दूसरी तरफ, फंडों ने एचडीएफसी बैंक के शेयर में बिकवाली पर जोर दिया और उन्होंने करीब 11,000 करोड़ रुपये की निकासी की। किसी अन्य शेयर में बड़ी एमएफ बिकवाली नहीं देखी गई। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन दूसरा ऐसा शेयर था जिसमें म्युचुअल फंडों ने बड़ी बिकवाली की और 1,700 करोड़ रुपये निकाले।

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First Published - December 12, 2024 | 10:24 PM IST

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