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कमजोर Q4 नतीजों के बावजूद IT Stock में बनेगा मुनाफा! ब्रोकरेज ने कहा- 1500 के पार जाएगा भाव

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FY26 में सिर्फ 0-3% की आमदनी बढ़ने की उम्मीद, च्वाइस ब्रोकिंग ने कहा – 'ADD'

Last Updated- April 21, 2025 | 6:51 PM IST
IT companies' slice of Nifty 50 pie shrinks sharply to 17-year low

इंफोसिस ने मार्च तिमाही यानी Q4FY25 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की आमदनी ₹40,920 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 7.9% ज़्यादा है, लेकिन यह पिछली तिमाही से 2% कम है। साथ ही, यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों (₹42,110 करोड़) से भी कम रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा (EBIT) ₹8,570 करोड़ रहा, जो सालाना 12.5% बढ़ा, लेकिन पिछली तिमाही से 3.8% घटा। EBIT मार्जिन 21% रहा जो सालाना आधार पर 0.86% बढ़ा लेकिन पिछली तिमाही से थोड़ा कम हुआ। शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹7,030 करोड़ रहा, जो साल दर साल 11.7% कम है, लेकिन पिछली तिमाही से 3.3% बढ़ा। यह बाजार के अनुमान (₹6,690 करोड़) से बेहतर रहा।

FY26 का रेवेन्यू गाइडेंस कमजोर

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026 के लिए सिर्फ 0% से 3% की आमदनी बढ़ने की उम्मीद जताई है, जो पिछले साल की 1% से 3% रेंज से भी कम है। कंपनी के मुताबिक यह अनुमान मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से है, जैसे कि टैरिफ और कर्ज बढ़ने से क्लाइंट खर्च पर असर पड़ रहा है।

हालांकि अभी तक डील्स में कोई देरी नहीं हुई है, लेकिन क्लाइंट्स पर दबाव दिखने लगा है। इसके चलते अब कंपनियां खर्च कम करने, वेंडर कम करने और लागत घटाने वाले सौदों की तरफ बढ़ रही हैं। मैन्युफैक्चरिंग, कंज़्यूमर और कम्युनिकेशन सेक्टर सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

कौन से सेक्टर ने अच्छा किया, कौन पीछे रहा

  • फाइनेंशियल सर्विसेज: AI, कंप्लायंस और कॉस्ट कंट्रोल पर ज़ोर, बजट स्थिर।
  • मैन्युफैक्चरिंग: अच्छी ग्रोथ, लेकिन यूरोप में ऑटो सेक्टर की कमजोरी FY26 में दिक्कत कर सकती है।
  • एनर्जी और यूटिलिटीज: सौदे स्थिर बने रहे।
  • कम्युनिकेशन और हाई-टेक: बजट कटौती की वजह से मांग कमजोर रही।

EBIT मार्जिन स्थिर, लेकिन चुनौतियां जारी

FY25 में इंफोसिस का EBIT मार्जिन 21.1% रहा, जो FY24 से 0.5% ज़्यादा है। हालांकि Q4FY25 में यह 0.3% घटकर 21% रहा। इसकी वजह वेतन वृद्धि, अधिग्रहण, और अन्य खर्च हैं। FY26 के लिए कंपनी ने 20% से 22% मार्जिन का अनुमान दिया है और वेतन वृद्धि का असर इसमें पहले से जोड़ा गया है। Q4 में कंपनी का अट्रिशन रेट 14.1% रहा, यानी इतनी संख्या में कर्मचारी कंपनी छोड़ चुके हैं। FY25 में इंफोसिस ने 15,000 फ्रेशर्स को हायर किया और FY26 में 20,000 से ज़्यादा फ्रेशर्स को जोड़ने की योजना है।

भविष्य को लेकर क्या है राय?

FY26 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस भले ही कमजोर है, लेकिन जैसे-जैसे आर्थिक हालात सुधरेंगे, वैसे-वैसे AI आधारित प्रोजेक्ट्स और कॉस्ट-कटिंग इनिशिएटिव्स से कंपनी को फायदा मिल सकता है। च्वाइस ब्रोकिंग को उम्मीद है कि FY25 से FY27 के बीच इंफोसिस की आमदनी, EBIT और मुनाफा क्रमश: 4.4%, 4.7% और 5.5% की रफ्तार से बढ़ सकता है। इसी आधार पर च्वाइस ब्रोकिंग ने इंफोसिस पर ‘ADD’ रेटिंग दी है, और टारगेट प्राइस ₹1,580 तय किया है। यह कीमत FY27 के अनुमानित प्रति शेयर मुनाफे ₹71.8 पर 22x P/E रेशियो के आधार पर तय की गई है। मौजूदा समय में इसका शेयर 1420 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में 11.3% की रिटर्न की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने सलाहकार से सलाह लें।

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First Published - April 21, 2025 | 6:51 PM IST

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