US President Donald Trump
US Israel Attack on Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक अमेरिका अपने सभी तय लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी ताकत के साथ अभियान चला रही है और यह अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में आगे और अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है।
रविवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान में सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने, सैन्य प्रतिष्ठान और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। ट्रंप के अनुसार यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से की जा रही है।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सेना और पुलिस बल से हथियार डालने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जो लोग आत्मसमर्पण करेंगे उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन जो विरोध जारी रखेंगे उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका किसी ऐसे देश को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकता जो दुनिया को धमकाने की मंशा रखता हो।
इस बीच अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि ईरान की जवाबी कार्रवाई में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ट्रंप ने इन सैनिकों की मौत को एक न्यायपूर्ण मिशन का हिस्सा बताया और कहा कि देश उनकी शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष आसान नहीं है और इसके समाप्त होने से पहले और भी बलिदान देने पड़ सकते हैं।
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ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का बदला जरूर लेगा और उन ताकतों को कड़ा जवाब देगा जिन्हें उन्होंने आतंकवाद से जोड़कर बताया। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।