Gold-Silver ETFs: सोना और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। यह तेजी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़त के अनुरूप रही।
सोमवार को सिल्वर ईटीएफ में तेज उछाल आया। एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ 8.5 फीसदी बढ़ा, कोटक सिल्वर ईटीएफ 8 फीसदी चढ़ा, निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ दोनों करीब 9 फीसदी उछले। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ में 8.3 फीसदी की बढ़त रही, जबकि एक्सिस सिल्वर ईटीएफ 8.9 फीसदी तक चढ़ गया।
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गोल्ड ईटीएफ में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। आदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ईटीएफ 5.2 फीसदी बढ़ा, एक्सिस गोल्ड ईटीएफ 5.5 फीसदी चढ़ा और टाटा गोल्ड ईटीएफ 9 फीसदी उछला। निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ में 7.9 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि एलआईसी एमएफ गोल्ड ईटीएफ 7 फीसदी और डीएसपी गोल्ड ईटीफ करीब 6 फीसदी बढ़ा।
ETF में यह तेजी सोने और चांदी की कीमतों में आई बढ़त के अनुरूप रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के 2 अप्रैल के फ्यूचर्स सोमवार को 3.12 फीसदी बढ़कर ₹1,67,155 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए, जबकि चांदी के 5 मई के कॉन्ट्रैक्ट 3.05 फीसदी चढ़कर ₹2,91,275 प्रति किलोग्राम हो गए।
ब्लूमबर्ग के आंकड़े के मुताबिक, इस साल अब तक MCX स्पॉट चांदी में 16 फीसदी और सोने में करीब 19.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः 0.9 फीसदी और 0.85 फीसदी नीचे हैं।
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शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर मिसाइल हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन जैसे देशों में अमेरिकी ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर हमले किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सेना ने ईरान के नौ नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया है और सभी उद्देश्यों की पूर्ति तक सैन्य अभियान जारी रहेगा। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों से पता चलता है कि इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में चार साल की सबसे बड़ी तेजी देखी गई, जिसमें ब्रेंट क्रूड 13 फीसदी तक बढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब वैश्विक शेयर बाजार और जोखिम वाले एसेट्स दबाव में आते हैं, तो निवेशकों की पूंजी आमतौर पर कीमती धातुओं की ओर शिफ्ट हो जाती है, जो अनिश्चितता के खिलाफ एक सुरक्षा (हेज) का काम करती हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट – कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के अनुसार, हालिया सत्रों में पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है और अगर संघर्ष और बढ़ता है तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।
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त्रिवेदी ने कहा कि ऊर्जा बाजार भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे प्रमुख मार्गों से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का माहौल बन रहा है और सोने-चांदी में निवेश को समर्थन मिल रहा है।