कोटक म्युचुअल फंड के एमडी नीलेश शाह
बाजार में उतार-चढ़ाव, सोना-चांदी में हलचल और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब स्ट्रैटेजी क्या हो? कोटक म्युचुअल फंड के एमडी नीलेश शाह ने बिजनेस स्टैंडर्ड के फ्लैगशिप इवेंट बीएस मंथन के इतर अंशु के साथ बातचीत में कहा कि ऐसे माहौल में शॉर्ट टर्म शोर से दूर रहें, फंडामेंटल्स और सही एसेट एलोकेशन पर फोकस करें। माइक्रो SIP के जरिए छोटे निवेशकों के लिए भी बड़े अवसर खुल रहे हैं, जबकि AI जैसे नए टूल निवेश की दुनिया को तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में समझदारी इसी में है कि ट्रेंड का पीछा करने के बजाय अपनी स्ट्रैटेजी को मजबूत बनाया जाए। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
बाजार और सोने-चांदी जैसी कमोडिटीज में उठा-पटक के बीच AMC की आगे क्या स्ट्रैटेजी होगी?
हमारी स्ट्रैटेजी बिल्कुल वही रहेंगी जो पहले थी। बैक टू बेसिक्स की, फंडामेंटल्स के ऊपर आप मूल्याकंन कीजिए। कल रिटर्न आया या नहीं आया, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आगे क्या होने वाला है, उस पर नजर रखियें। दुनियाभर में अनिश्चितता के बादल छाये हुए है। बाजार में उठा-पटक ज्यादा है। इसलिए फंडामेंटल्स पर फोकस करना ज्यादा जरूरी हो जाता है।
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रिटेल और SIP निवेशक मौजूदा माहौल में फंड का एलोकेशन कैसे करें?
कल भी ये कह रहे थे, आज भी यहीं कह रहे हैं और आगे भी यहीं कहेंगे कि आप अपने एसेट एलोकेशन का ध्यान रखियें। बाजार कहां जाएगा यह तो शायद भगवान को भी नहीं मालूम, तो एक मनुष्य कैसे समझ पाएगा। बाजार की दिशा पकड़ने से ज्यादा समझदारी इसमें है कि उसकी चाल के अनुसार अपनी पोजिशन तय करें। और इसके लिए सही एसेट एलोकेशन बेहद जरूरी है। पिछले 18 महीनों से निफ्टी ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। इंडेक्स 26,000 के आसपास फ्लैट है। उसी समय SIP करने वाले निवेशकों का रिटर्न 6-7 फीसदी है। बाजार किधर जाएगा ये सोचने से बेहतर है- आपका पोर्टफोलियो सही दिशा में है या नहीं, इस पर फोकस करें।
माइक्रो SIP से भारत के इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम को कैसे बूस्ट मिलेगा?
फाइनैंस में लोग भरोसे पर काम करते हैं। लोग कहते हैं कि म्युचुअल फंड पैसा मैनेज करता है। मैं उन्हें समझता हूं कि हम लोगों का विश्वास मैनेज करते हैं। माइक्रो SIP एक कनेक्टर है जो नीचे से नीचे तबके के लोगों को कैपिटल मार्केट से जोड़ता है। माइक्रो SIP करने वाले निवेशक यह सोचे कि मैं टाटा, बिरला, अंबानी, अदाणी और जिंदल जैसे भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों के साथ पाटर्नरशिप कर रहा हूं। हां, यह जरूर है कि उनका मार्केट शेयर बहुत छोटा है जबकि प्रमोटर्स का हिस्सा बहुत बड़ा है। लेकिन कैपिटल मार्केट एक ऐसी जगह है, जहां पर आप भारत के सबसे अमीर और अच्छे से अच्छे उद्योगपतियों से जुड़ सकते हैं।
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AI वही फर्क लाएगा जो कभी इंटरनेट ने लाया था- जो इसे अपनाएगा, वही आगे निकलेगा; जो दूरी बनाएगा, वो पीछे छूट जाएगा। आखिर में खेल टेक्नोलॉजी का नहीं, उसके इस्तेमाल का है। आप AI को कैसे प्रयोग करते हैं, उसी से आपका आउटपुट तय होगा।