प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ब्रिटेन में बुधवार से लागू हो रहे नए नियमों के तहत एक डिजिटल पारगमन प्रणाली शुरू हो रही है, जिसमें भारतीय यात्रियों के लिए अनिवार्य ई-वीजा और बिना वीजा वाले आगंतुकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति (ईटीए) लेना शामिल है। हाल के वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किए गए इस कार्यक्रम के तहत नई प्रक्रिया कागज आधारित वीजा ‘स्टिकर’ की जगह लेगी। हालांकि, नई प्रणाली में बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए आवेदन केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाना आवश्यक होगा, लेकिन इससे प्रक्रिया अवधि के दौरान पासपोर्ट दस्तावेज छोड़ कर जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
ब्रिटेन के प्रवासन और नागरिकता मंत्री माइक टैप ने कहा, ‘मैं ब्रिटेन की यात्रा करने के इच्छुक सभी लोगों से आग्रह करूंगा कि वे यात्रा के लिए पूरी तरह से तैयार रहें और उनके पास आवश्यक अनुमति हो, ताकि उनकी यात्रा सुगम हो सके।’ ब्रिटेन आने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल यात्रा अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जिसका अर्थ है कि यदि यात्रियों के पास ई-वीजा, ईटीए या अन्य वैध दस्तावेज नहीं हैं तो एयरलाइन उन्हें विमान में सवार होने से रोक सकती है।
ब्रिटेन सरकार ने पिछले साल ई-वीजा प्रणाली शुरू की थी और इस सप्ताह तक भौतिक दस्तावेज स्वीकार किए गए हैं। गृह मंत्रालय ने उस समय कहा था, ‘ई-वीजा न तो खो सकता है, न चोरी हो सकता है और न ही इसमें छेड़छाड़ की जा सकती है। यह वीजा धारकों को तुरंत और सुरक्षित रूप से अपने आव्रजन अधिकारों को साबित करने की सुविधा देता है। ई-वीजा प्राप्त करने से यात्री के वर्तमान अधिकारों या आव्रजन स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।’
ब्रिटेन की सीमा और आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल करने की योजनाओं के तहत, भौतिक बायोमेट्रिक निवास परमिट (ऐसा पासपोर्ट जिसमें वीजा ‘विग्नेट स्टिकर या स्याही वाली मुहर लगी हो और जो देश में उनके ‘अनिश्चितकालीन प्रवेश /निवास की अनुमति’ की पुष्टि करती हो) या बायोमेट्रिक निवास कार्ड का उपयोग उनके आव्रजन अधिकारों के प्रमाण के रूप में करने वाले सभी लोगों को पूरी तरह से ऑनलाइन ब्रिटिश वीजा और आव्रजन प्रणाली में स्थानांतरित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि ई-वीजा को अपनाने के माध्यम से वह कई वर्षों से भौतिक दस्तावेजों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर रहा है और अब तक एक करोड़ से अधिक ई-वीजा जारी किए जा चुके हैं।