दिनभर के सत्रों में भारत की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था में डेटा की भूमिका, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता प्रभाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच देश की रणनीतिक स्थिति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। सरकार, उद्योग जगत और नीति विश्लेषकों के बीच विचार-विमर्श का यह मंच भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
सुबह की शुरुआत: वैश्विक परिदृश्य और डिजिटल भारत
कार्यक्रम का पहला सत्र सुबह 9:45 बजे शुरू होगा, जिसमें पूर्व जी20 शेरपा Amitabh Kant बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के साथ भारत की रणनीति पर अपने विचार रखेंगे। इसके बाद 10:15 बजे ‘एआई फॉर इंडिया’ विषय पर पैनल चर्चा होगी। इसमें मोज़िला इंडिया के जिबू एलियास, आईआईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर संदीप शुक्ला और विश्व आर्थिक मंच के सी4आईआर इंडिया से अरुणिमा सरकार भाग लेंगी। चर्चा का केंद्र होगा कि भारत एआई के क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षाओं को जमीन पर कैसे उतारे।
सुबह 10:30 बजे प्रतिस्पर्धा आयोग की अध्यक्ष रवीनीत कौर ‘डेटा और प्रभुत्व’ विषय पर डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा के नए आयामों को स्पष्ट करेंगी।
नीति और अर्थव्यवस्था पर फोकस
11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ‘मेकिंग इंडिया फ्यूचर रेडी’ विषय पर संबोधन देंगी। माना जा रहा है कि वह आर्थिक सुधार, निवेश और विकास की दीर्घकालिक रणनीति पर प्रकाश डालेंगी।
इसके बाद 11:45 बजे दो समानांतर सत्र आयोजित होंगे। पहले सत्र में ‘क्या भारत दुनिया का खाद्य कारखाना बन सकता है?’ विषय पर नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद, आईसीआरआईईआर के प्रोफेसर अशोक गुलाटी और सीएसईपी के लवीश भंडारी कृषि क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दूसरे सत्र में एग्रीटेक स्टार्टअप्स की भूमिका पर बातचीत होगी, जिसमें देहात, आर्या.एग और एग्रीबाजार से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
ऊर्जा और सामाजिक ढांचा
दोपहर 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ‘विकसित भारत और नेट जीरो लक्ष्य 2070’ पर अपने विचार रखेंगे। इस सत्र में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नवीकरणीय संसाधनों के विस्तार पर फोकस रहेगा। इसी समय एक अन्य पैनल में स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर चर्चा होगी। इसमें द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के आशीष धवन, एचसीएलटेक के पूर्व सीईओ विनीते नायर और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की अर्चना व्यास शामिल होंगी।
दोपहर के सत्र: मैन्युफैक्चरिंग से ईवी तक
दोपहर 2:15 बजे हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों पर चर्चा होगी। रक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ इसमें भारत की संभावनाओं का आकलन करेंगे। इसके बाद 2:50 बजे रिन्यू के संस्थापक सुमंत सिन्हा ‘कोयले से बैटरी सेल तक’ भारत की ऊर्जा यात्रा को रेखांकित करेंगे।
3:30 बजे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बदलाव और चुनौतियों पर पैनल चर्चा होगी। इसमें विनफास्ट इंडिया, ज़िप इलेक्ट्रिक, बोल्ट.अर्थ, ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक और यूलर मोटर्स के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
रणनीतिक स्वायत्तता और रचनात्मक उद्योग
शाम 4:30 बजे ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ विषय पर रक्षा और विदेश नीति विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसमें मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक राजदूत सुजान चिनॉय, लेफ्टिनेंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स के राजिंदर सिंह भाटिया शामिल होंगे।
कार्यक्रम का समापन 5:15 बजे फिल्म निर्देशक Shekhar Kapur के सत्र से होगा, जिसमें वे एआई के दौर में सिनेमा के बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा करेंगे।