भारत और इजरायल ने गुरुवार को एआई, खनिज अन्वेषण, रक्षा और गतिशीलता सहित विभिन्न क्षेत्रों में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय कामगारों को भेजने, रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समेत 10 और पहलों की घोषणा की।
येरुशलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी व्यापार टीमों से परस्पर लाभकारी व्यापार समझौते के लिए वार्ताओं को तेज करने को कहा। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि व्यापार समझौते पर बातचीत का अगला दौर मई में होगा। भारतीय और इजरायली व्यापार प्रतिनिधिमंडलों के बीच नई दिल्ली में चार दिनों तक चली वार्ता के बाद गुरुवार को यह घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा के दूसरे दिन मोदी और नेतन्याहू ने आपसी रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर पहुंचाते हुए इसे ‘शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया। मीडिया के साथ संयुक्त संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल ने पिछले वर्ष द्विपक्षीय निवेश समझौता किया था और जल्द ही परस्पर लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों पक्षों ने महत्त्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी के लिए भी समझौते पर हस्ताक्षर किए, ताकि एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी और दुर्लभ खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग को तेज किया जा सके।
भारत और इजरायल ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इजरायल के सहयोग से भारत में मौजूद उत्कृष्टता केंद्रों की संख्या 43 से बढ़ाकर 100 की जाएगी और ‘विलेजेज ऑफ एक्सीलेंस’ भी विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा भारत में भारत-इजरायल कृषि नवाचार केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी। मोदी ने कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देंगे और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) तथा भारत-इजरायल-यूएई-अमेरिका (आई2यू2) पहल पर नए उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे।
आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों की स्पष्ट राय है कि आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मोदी ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता भारत की सुरक्षा हितों से सीधे जुड़ी है। भारत ने संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। गाजा शांति योजना ने क्षेत्र में शांति की दिशा में एक मार्ग खोला है।’
बाद में जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि 2017 में मोदी की ऐतिहासिक इजरायल यात्रा और 2018 में नेतन्याहू की भारत यात्रा ने विविध क्षेत्रों में साझेदारी और सहयोग के नए युग की नींव रखी। मोदी और नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय और इजरायली क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इजरायल प्रौद्योगिकी और नवाचार का वैश्विक केंद्र है, जबकि भारत प्रतिभा, विनिर्माण उत्कृष्टता और उद्यमशील ऊर्जा के लिए विख्यात है।
संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, दोनों देशों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों के एकीकरण का प्रयास किया जाएगा। उभरती प्रौद्योगिकियों पर नई पहल का नेतृत्व दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार करेंगे। भारत-इजरायल संयुक्त अनुसंधान आह्वान के तहत संयुक्त शोध को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों का योगदान वर्तमान 10 लाख डॉलर से बढ़ाकर 15 लाख डॉलर प्रत्येक किया जाएगा।
दोनों देशों ने ‘होराइजन स्कैनिंग/स्ट्रेटेजिक फोरसाइट मेकैनिज्म’ स्थापित करने के लिए सहयोग की मंशा की घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और समाज जैसे क्षेत्रों में उभरते वैश्विक रुझानों की पहचान करना है। भारत और इजरायल अपने राष्ट्रीय साइबर प्राधिकरणों के बीच संवाद बढ़ाएंगे। साथ ही यहां भारत-इजरायल साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेंगे।
इजरायल ने अपने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में विशेषकर मेट्रो, रेल, सड़क, हवाई अड्डों, जल विलवणीकरण संयंत्रों और अपशिष्ट जल शोधन संयंत्रों जैसे प्रमुख आगामी परियोजनाओं के संदर्भ में भारत की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की गुजारिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की।
गतिशीलता के क्षेत्र में इजरायल अगले पांच वर्षों में अपने विनिर्माण, रेस्तरां, कैफे, खाद्य तैयारी व्यवसाय, खुदरा, सफाई, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, खाद्य प्रसंस्करण, आतिथ्य, रीसाइक्लिंग, वस्त्र, धातु, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, लकड़ी और कागज, प्लास्टिक, रबर तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में 50,000 तक अतिरिक्त भारतीय कामगारों को अनुमति देगा।
वर्ष 2024-25 के दौरान क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण इजरायल को भारत का निर्यात 2023-24 के 4.52 अरब डॉलर से घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया, यानी इसमें 52 प्रतिशत की गिरावट आई है। आयात भी पिछले वित्त वर्ष में 26.2 प्रतिशत घटकर 1.48 अरब डॉलर रहा। द्विपक्षीय व्यापार 3.62 अरब डॉलर पर रहा। एशिया में भारत इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
येरुशलम में प्रधानमंत्री ने एआई, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में अग्रणी नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का दौरा किया और इजरायली प्रौद्योगिकी कंपनियों को भारत में निवेश करने एवं भारतीय युवाओं के साथ साझेदारी करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने यद वाशेम स्मारक का भी दौरा किया और होलोकॉस्ट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने यहां भारतीय मूल के यहूदी समुदाय के प्रमुख सदस्यों से भी मुलाकात की। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, 2023 तक इजरायल में भारतीय मूल के लगभग 85,000 यहूदी रहते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के लोकप्रिय जासूसी शो ‘फौदा’ के कलाकारों और टीम से भी मुलाकात की तथा सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा की। मोदी ने फौदा टीम के साथ अपनी तस्वीर ‘एक्स’ पर साझा की। फौदा एक एक्शन थ्रिलर सीरीज है, जो 2015 में एक इजरायली नेटवर्क पर प्रसारित हुई थी। नेटफ्लिक्स पर इसका प्रदर्शन शुरू होने के साथ विश्व के अन्य हिस्सों में भी इसका प्रसार हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, प्रौद्योगिकी और आपसी संपर्क जैसे तमाम क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
(साथ में एजेंसियां)