फरवरी में शेयर बाजार में खूब उठापटक देखी गई और बेंचमार्क सूचकांक आज 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में भारी बिकवाली ने बेहतर होती कमाई, व्यापार तनाव कम होने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में सुधार पर भी पानी फेर दिया। आईटी सूचकांक सबसे ज्यादा गिरा। फरवरी में इसमें 19.5 फीसदी की गिरावट आई। सितंबर 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से इस महीने आईटी सूचकांक का यह सबसे खराब प्रदर्शन है। सितंबर 2008 में इसमें 20.9 फीसदी की गिरावट आई थी।
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में तेजी से हो रही तरक्की से पारंपरिक आईटी फर्मों के मार्जिन पर दबाव पड़ने की आशंका से इस महीने आईटी शेयरों में गिरावट आई है। मंगलवार को निफ्टी आईटी सूचकांक 3 अगस्त, 2023 के बाद अपने निचले स्तर पर आ गया था मगर उसके बाद तीन सत्र में यह करीब 2 फीसदी चढ़ा था। आईटी सूचकांक का बाजार पूंजीकरण करीब 5.7 लाख करोड रुपये घट गया।
आज निफ्टी 318 अंक या 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ 25,179 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 961 अंक के नुकसान के साथ 81,287 पर बंद हुआ। फरवरी में खूब उतार-चढ़ाव दिखा और इस महीने 5 सत्र में बेंचमार्क सूचकांकों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। इस महीने निफ्टी 0.6 फीसदी और सेंसेक्स 1.2 फीसदी नुकसान में रहा। यह लगातार तीसरा महीना है जब बाजार नुकसान के साथ बंद हुए।
आज बैंकिंग शेयरों में गिरावट से भी बाजार नीचे आया। आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक में 1.3 फीसदी की गिरावट देखी गई। सेंसेक्स की कुल गिरावट में इन तीनों शेयरों की हिस्सेदारी करीक एक-तिहाई रही। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने गुरुवार को 3,466 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी और आज भी उन्होंने 7,536 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पिछले दो दिनों की बिकवाली ऐसे समय में हुई है जब विदेशी निवेश के लिए यह महीना अच्छा रहा था। बुधवार तक शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश 25,000 करोड़ रुपये था जो 17 महीने में सबसे ज्यादा था।
हालांकि फरवरी में आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रों के सूचकांक बढ़त पर बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक 9.3 फीसदी और निफ्टी सरकारी बैंक सूचकांक 8.9 फीसदी बढ़त में रहा। निफ्टी मिडकैप में 1.2 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.3 फीसदी की बढ़त देखी गई। हालांकि आज दोनों सूचकांकों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 1,660 शेयर लाभ में और 2,528 नुकसान में रहे। सेंट्रम फिनसर्व के उपाध्यक्ष और तकनीकी एवं डेरिवेटिव प्रमुख निलेश जैन ने कहा, ‘उठापटक बढ़ने से गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। निफ्टी को 25,000 के स्तर पर मनोवैज्ञानिक समर्थन दिख रहा है और मगर आगे गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।’