अर्थव्यवस्था

नई जीडीपी सीरीज में कृषि की रफ्तार सुस्त, FY26 में वृद्धि घटकर 2.4% रहने का अनुमान

यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है

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संजीब मुखर्जी   
Last Updated- February 27, 2026 | 10:28 PM IST

नई श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर गिरकर 2.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के नवीनतम जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में देश के कुल जीवीए में कृषि की हिस्सेदारी नई श्रृंखला के तहत बढ़कर 18 प्रतिशत होने की उम्मीद है जबकि पुरानी श्रृंखला के तहत 17 प्रतिशत होने की आस है।

यह संख्या विनिर्माण क्षेत्र से अधिक थी। विनिर्माण क्षेत्र नई श्रृंखला के तहत नॉमिनल आधार पर 15 प्रतिशत था जबकि पुरानी श्रृंखला में यह 14 प्रतिशत था। नई श्रृंखला 2022-23 को आधार वर्ष मानकर बनाई गई है जबकि पुरानी श्रृंखला 2011-12 की कीमतों पर आधारित थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनावीस ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2026 के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के जीवीए के नए अनुमान में अलग आधार होने के कारण पिछले अनुमान की तुलना में गिरावट आई है। मुझे लगता है कि इसमें संशोधन किया जा सकता है और कृषि क्षेत्र के सकल लाभ मूल्य पर संबद्ध गतिविधियों का भी प्रभाव पड़ा होगा।’

आंकड़ों से पता चलता है कि नॉमिनल संदर्भ या मौजूदा कीमतों पर कृषि और संबद्ध गतिविधियों के जीवीए में वित्त वर्ष 2026 में केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है जो पिछले वित्त वर्ष के 9.2 प्रतिशत से कम है। यह गिरावट मुख्य रूप से महंगाई में आई भारी कमी के कारण है। इसने किसानों की कई फसलों की आय को प्रभावित किया है।

सबनावीस ने कहा कि कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए नॉमिनल जीवीए वृद्धि वित्त वर्ष 2026 में केवल 0.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका वास्तविक वृद्धि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि महंगाई नकारात्मक है। वैसे इस सत्र में खरीफ और रबी के जबरदस्त उत्पादन के कारण कुल कृषि उत्पादन जबरदस्त रहा। हालांकि कृषि उत्पादन मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण उच्च आय में तब्दील नहीं हो पाया।

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) में कृषि व संबद्ध गतिविधियों के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में वास्तविक रूप से 1.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि इसमें नॉमिनल संदर्भ में 1.9 प्रतिशत की नकारात्मक गिरावट का अनुमान है। यह नई श्रृंखला के अनुसार है।

वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में भी नॉमिनल आधार पर जीवीएसी वृद्धि -0.6 प्रतिशत नकारात्मक रही। वास्तव में इस वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए नॉमिनल वृद्धि केवल पहली तिमाही में ही सकारात्मक रही है जो नई श्रृंखला के अनुसार 4.5 प्रतिशत है। तिमाही वृद्धि के आंकड़ों से पता चलता है कि स्थिर कीमतों पर वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए जीवीए की नई श्रृंखला के तहत 4.2 प्रतिशत थी।

First Published : February 27, 2026 | 10:19 PM IST