म्युचुअल फंड

SEBI के फैसले से 8.5 लाख SIP पर असर का खतरा: रिटायरमेंट-चिल्ड्रन फंड बंद होने से निवेशकों में चिंता

ह श्रेणी अभी 41 योजनाओं और 62 लाख खातों के साथ करीब 57,000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करती है

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अभिषेक कुमार   
Last Updated- February 27, 2026 | 9:31 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (एसईबी) द्वारा सॉल्युशन ओरिएंटेड योजनाओं में नए निवेश को तत्काल रोकने के फैसले से बच्चों और रिटायरमेंट फंडों में चल रही करीब 8,50,000 एसआईपी में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है। यह श्रेणी अभी 41 योजनाओं और 62 लाख खातों के साथ करीब 57,000 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करती है।

जनवरी में निवेशकों ने एसआईपी के माध्यम से इन योजनाओं में कुल 277 करोड़ रुपये का निवेश किया था। एकमुश्त निवेश सहित कुल शुद्ध निवेश 342 करोड़ रुपये रहा। गुरुवार को घोषित म्युचुअल फंड वर्गीकरण में व्यापक बदलावों के तहत इस श्रेणी को बंद करने का फैसला म्युचुअल फंड उद्योग में कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक रहा क्योंकि यह एकमात्र प्रमुख घोषणा थी, जो जुलाई 2025 के परामर्श पत्र का हिस्सा नहीं थी।

एचडीएफसी, यूटीआई, एसबीआई, टाटा, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और निप्पॉन इंडिया जैसे अधिकांश बड़े फंड हाउसों के पास इन श्रेणियों में पर्याप्त मात्रा में एयूएम हैं। म्युचुअल फंड अधिकारियों ने कहा, हालांकि यह श्रेणी उद्योग की कुल परिसंपत्तियों की तुलना में छोटी है, लेकिन इसमें निवेशकों का आधार सबसे स्थिर है, जिसमें फोलियो और एसआईपी का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा एक दशक से अधिक समय से चल रहा है।

उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, स्पष्ट रूप से बच्चों के फंड और सेवानिवृत्ति फंड में निवेश करने वाले निवेशक आमतौर पर दीर्घकालिक भागीदार होते हैं। इन योजनाओं की लॉक-इन अवधि और लक्ष्य से जुड़ी स्थिति ने अनुशासन बनाए रखने में मदद की है। ऐसे फंडों को रातोंरात बंद करने से निवेशकों के विश्वास पर असर पड़ सकता है।

परिपत्र के अनुसार, इन योजनाओं को नियामक मंजूरी के तहत समान परिसंपत्ति आवंटन और जोखिम प्रोफ़ाइल वाली अन्य योजनाओं के साथ विलय करना होगा। एक अन्य वरिष्ठ म्युचुअल फंड अधिकारी के अनुसार, योजनाओं को बंद करना और उनका विलय करना सभी मौजूदा निवेशकों को रास नहीं आएगा।

उन्होंने कहा, वितरकों ने इन्हें सेवानिवृत्ति और बच्चों के लिए समर्पित समाधान के रूप में बेचा था। अगर कोई सेवानिवृत्ति फंड अब किसी लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या हाइब्रिड योजना में विलय हो जाता है तो मूल मकसद बदल जाता है। निवेशक स्वाभाविक रूप से पूछेंगे कि जिस समाधान के लिए उन्होंने इसे लिया था, उसका क्या हुआ।

नियामक ने सॉल्युशन ओरिएंटेड फंडों के स्थान पर एक नई श्रेणी शुरू की है। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइफ साइकल फंड संरचनात्मक रूप से भिन्न होते हुए भी समान उपयोग के मामलों को संबोधित कर सकते हैं। ये योजनाएं अनिश्चितकालीन होंगी और एक पूर्व-परिभाषित परिसंपत्ति आवंटन की राह का अनुसरण करेंगी, जिससे निवेशकों की उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी में निवेश स्वतः कम हो जाएगा और ऋण में निवेश बढ़ जाएगा।

उद्योग जगत के कुछ जानकारों के अनुसार, यह उत्पाद फंड हाउसों की लंबे समय से मांग में था क्योंकि यह लक्ष्य आधारित निवेश के लिए एक अधिक मजबूत ढांचा प्रदान करता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, लाइफ साइकल फंड हमेशा से उद्योग की मांग रहे हैं। ये अधिक उपयुक्त हैं।

First Published : February 27, 2026 | 9:22 PM IST