सऊदी अरब के रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद वहां चारों ओर धुंआ फैल गया
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब और तेज हो गया है। सोमवार को ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी के कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इस दौरान सऊदी अरब के सबसे बड़े बड़े तेल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ, जिससे वहां भयंकर आग लग गई।
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ का हिस्सा बताया। उनके बयान में कहा गया कि IRGC ने खैबर मिसाइलों से हमले किए गए हैं। ईरानी मीडिया ने बड़े ड्रोन बेड़े और अमेरिका-इजरायल के ठिकानों पर हमलों की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए हैं।
ईरानी मीडिया Press TV ने दावा किया कि बहरीन के सलमान पोर्ट पर ईरानी मिसाइल से हमला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पोर्ट का इस्तेमाल अमेरिकी लॉजिस्टिक सामान भेजने के लिए हो रहा था, जो ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए था।
कुवैत में भी एक बड़ी घटना हुई, जहां एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश हो गया। ईरानी मीडिया ने टेलीग्राम पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दावा किया गया कि यह अमेरिकी पायलट है, जिसका जेट कुवैत में गिरा। हालांकि, कुवैत की डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि कई अमेरिकी विमान क्रैश हुए, लेकिन सभी क्रू सुरक्षित हैं।
Also Read: होरमुज पर खतरे के बीच भारत के पास सिर्फ 74 दिन का स्टॉक, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो क्या होगा?
सऊदी अरब के रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला हुआ, जो दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्रों में से एक है। यहां आग लग गई, जिसपर जल्दी ही काबू कर लिया गया। सऊदी ने सावधानी के तौर पर रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जेरूसलम पोस्ट और रॉयटर्स जैसी मीडिया ने इसे रिपोर्ट किया, जिसमें कहा गया कि आग सीमित थी और अब नियंत्रण में है।
गल्फ के देशों ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर और यूएई भी शामिल थे। बयान में कहा गया कि ईरान के हमले बेतुके और लापरवाह हैं, जो कई देशों की संप्रभुता पर हमला हैं और आम लोगों को खतरे में डालते हैं। इन देशों ने कहा कि वे अपने नागरिकों, जमीन और संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट हैं और जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखते हैं।