राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने बजट 2022-23 के कई प्रावधानों की तारीफ की है जो देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। हालांकि इसका मानना है कि बजट में आयकर में कुछ कटौती करना चाहिए था और रोजगार पर जोर देना चाहिए था। स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए आयकर में कटौती कर सकती थी। उन्होंने कहा, ‘बजट में वस्तु एवं सेवा कर के अधिक संग्रह की बात की गई है जो अप्रत्याशित है। वित्त मंत्री के मुताबिक बाकी कर संग्रह में भी तेजी आई है, ऐसे में मेरा मानना है कि कर में कटौती की जा सकती थी।’ उन्होंने यह भी कहा कि बजट की अच्छी बात यह रही कि वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का ज्यादा जिक्र नहीं किया और सरकार ने घरेलू निवेशकों के लिए नियमों को तार्किक बनाने के लिए कदम उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बजट के दूसरे हिस्से में शुल्क और कर का जिक्र था जो काफी हद तक संरक्षणवादी नजरिये पर जोर देता है और इससे घरेलू उद्योगों को स्वदेशी को बढ़ावा देने के अनुकूल है। महाजन ने कहा, ‘हम आयात पर अधिक शुल्क का स्वागत करते हैं।’ हालांकि महाजन ने इस बात पर भी जोर दिया कि बजट 2022-23 वृद्धि के लिहाज से अच्छा है लेकिन रोजगार के पक्ष पर जोर नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘स्वदेशी जागरण मंच ने लघु स्तर के उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार की दिशा में बेहद सीमित कोशिश को लेकर चिंता व्यक्त करता है।’