facebookmetapixel
Stocks to watch, Jan 23: IndiGo से लेकर JSW Steel और DLF तक, शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें फोकसStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से सुस्त संकेत, हफ्ते के आखिरी दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?₹8,250 लगाइए, ₹19,250 कमाइए? टाटा स्टील पर एनालिस्ट की खास ऑप्शन स्ट्रैटेजीQ3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?

महाराष्ट्र की आर्थिक वृद्धि दर 2023-24 में 7.6 फीसदी रहने की उम्मीद

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में एफडीआई प्रवाह के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर बना हुआ है।

Last Updated- June 27, 2024 | 7:05 PM IST
Indian economy will get a boost due to solid growth and softening of inflation rate, will grow at a pace of 7.2% in 2024: Moody's' सॉलिड ग्रोथ और महंगाई दर में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा दम, 2024 में 7.2% की रफ्तार से बढ़ेगी: Moody's

देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे अधिक योगदान देने वाले राज्य महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर (Growth Rate) वित्त वर्ष 2023-24 में 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। यह वृद्धि दर देश की अनुमानित वृद्धि दर 7.6 फीसदी के अनुरूप है।

विधानमंडल में पेश की गई राज्य की आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया कि राज्य में कृषि और संबद्ध गतिविधियों तथा उद्योग क्षेत्र की वृद्धि दर क्रमश: 1.9 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत रही। वहीं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत दर्ज की गयी।

महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जो वित्त मंत्रालय भी संभाल रहे हैं, ने 2023-24 की आर्थिक समीक्षा विधानमंडल में पेश की।

एफडीआई प्रवाह में शीर्ष पर महाराष्ट्र

राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 2023-24 में 7.6 प्रतिशत रही। एक साल पहले 2022-23 में यह 6.8 प्रतिशत थी। समीक्षा के अनुसार, 2023-24 के लिए मौजूदा मूल्य पर राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 40,44,251 करोड़ रुपये रहा जबकि वास्तविक मूल्य के आधार पर यह 24,10,898 करोड़ रुपये रहा।

जीएसडीपी तय अवधि में राज्य की सीमाओं के भीतर उत्पन्न वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को दर्शाता है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में एफडीआई प्रवाह के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर बना हुआ है। 2022-23 के दौरान देश के कुल निर्यात में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत रही।

देश की जीडीपी में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

अखिल भारतीय स्तर पर मौजूदा मूल्य पर जीडीपी में राज्य की औसत हिस्सेदारी सबसे अधिक 13.9 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रति व्यक्ति राज्य आय 2,52,389 रुपये रही जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 2,19,573 रुपये थी।

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.8 प्रतिशत रहा जबकि राजस्व घाटा 0.5 प्रतिशत रहा। और जीएसडीपी के लिए ऋण स्टॉक 17.6 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष में वार्षिक योजनाओं के लिए कुल अनुमानित व्यय 2,31,651 करोड़ रुपये है, जिसमें से 20,188 करोड़ रुपये जिला वार्षिक योजनाओं के लिए हैं।

2023-24 के लिए राजस्व प्राप्तियां 4,86,116 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 4,05,678 करोड़ रुपये थी। सर्वेक्षण के अनुसार, दी गई अवधि में महाराष्ट्र का राजस्व व्यय 5,05,647 करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष यह 4,07,614 करोड़ रुपये था।

राज्य के प्राथमिकता वाले क्षेत्र के लिए 2023-24 के लिए वार्षिक ऋण योजना का आकार 6.51 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें कृषि और संबद्ध गतिविधियों के क्षेत्र की हिस्सेदारी 25.9 प्रतिशत और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम और खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की हिस्सेदारी 55.6 प्रतिशत है।

फसलों के रकबे में कमी

राज्य में 2023 में मानसून के दौरान सामान्य वर्षा का 86.4 प्रतिशत बारिश हुई। 2023-24 के खरीफ सीजन में 155.64 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुआई हुई। इस सीजन में अनाज, दलहन, तिलहन और गन्ने के उत्पादन में क्रमश: 23 प्रतिशत, 10 प्रतिशत, 2 प्रतिशत और 17 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। 2022-23 के दौरान कपास के उत्पादन में 3 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।

2023-24 के रबी सीजन के दौरान 58.60 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो गई। इसमें कहा गया है कि अनाज और दलहन के उत्पादन में क्रमश: 5 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है, जबकि तिलहन के उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।

बागवानी के तहत रकबा 22.40 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 327.80 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां क्षेत्र, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख चालक है, जीएसडीपी में लगभग 12 प्रतिशत का योगदान देता है।

कृषि पर पड़ी सूखे की मार

मध्य प्रदेश के बाद जैविक कृषि उत्पादन (27 प्रतिशत) में राज्य भारत में दूसरे स्थान पर है। जून 2022 तक प्रमुख, मध्यम और लघु परियोजनाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्र की सिंचाई क्षमता 55.60 लाख हेक्टेयर थी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2022-23 के दौरान वास्तविक सिंचित क्षेत्र 42.33 लाख हेक्टेयर था। इसमें कहा गया है, खरीफ सीजन 2023 के दौरान कमी की स्थिति ने 15 जिलों के 40 तालुकाओं को प्रभावित किया।

इसमें कहा गया है कि कुल मिलाकर 22.66 लाख हेक्टेयर कृषि और फलों की फसलें सूखे के कारण प्रभावित हुईं और 2,442.23 करोड़ रुपये का मुआवजा मंजूर किया गया। नवंबर 2023 और जनवरी 2024 के बीच 12.89 लाख हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्र में 23.96 लाख किसानों को 2,277.9 करोड़ रुपये का मुआवजा मंजूर किया गया।

First Published - June 27, 2024 | 7:05 PM IST

संबंधित पोस्ट