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जरूरत पड़ने पर नीतियां बदलने को तैयार मध्य प्रदेश सरकार, लुधियाना में उद्योगपतियों से मिले सीएम यादव

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मध्य प्रदेश सरकार न केवल उद्योगों की स्थापना और निवेश में इजाफा करने के लिए तैयार है बल्कि यदि किसी क्षेत्र में संभावनाएं दिखती हैं तो नीतियों में जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।

Last Updated- July 07, 2025 | 7:11 PM IST
MP CM
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना में वर्धमान टैक्सटाइल्स लिमिटेड परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक कर उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कैबिनेट स्तर पर अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए तैयार है और जहां भी संभावनाएं नजर आएंगी वहां सरकार नियम बदलने से नहीं हिचकिचाएगी। वह लुधियाना में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर उन्हें प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार न केवल उद्योगों की स्थापना और निवेश में इजाफा करने के लिए तैयार है बल्कि यदि किसी क्षेत्र में संभावनाएं दिखती हैं तो नीतियों में जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।

हुकुमचंद मिल के श्रमिकों को मिला 100 करोड़ का सेटलमेंट

मुख्यमंत्री ने गारमेंट और टेक्सटाइल क्षेत्र में प्रदेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए जोर देकर कहा कि सरकार निवेशकों और श्रमिकों दोनों के प्रति हर स्तर पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर की हुकुमचंद मिल को नए सिरे से शुरू करने के प्रयासों के साथ-साथ ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामलों में राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे हुकुमचंद मिल के श्रमिकों के हित में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सेटलमेंट के लिए दी गई है।

Also Read: Explainer: BRICS Summit में क्यूबा के राष्ट्रपति- पीएम मोदी की मुलाकात, क्यों अहम है क्यूबा भारत के लिए

टेक्सटाइल नीति-2025 के तहत निवेशकों को मिलेंगी सब्सिडी

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी 2025 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के अवसर पर न्यू टैक्टसाइल पॉलिसी-2025 पेश की थी जिसमें इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इसमें उद्यमियों को प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश में 10 से 40 फीसदी तक की राशि इन्वेस्टमेंट प्रमोशन असिस्टेंस के रूप में देना, ऋण पर 5 से 7 फीसदी तक की ब्याज सब्सिडी देना और 1 करोड़ रुपये तक की राशि अधोसंरचना विकास के लिए देना शामिल है। प्रदेश में अप्पारेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने वाले निवेशकों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात भी नीति में शामिल है।

20 लाख रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री यादव ने मध्य प्रदेश की प्रतिस्पर्धी बिजली दरों के साथ-साथ प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता और अन्य बड़ी बिजली परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है।

उन्होंने जिन प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात की उनमें वर्धमान समूह के एमडी नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के संजीव पाहवा, टीके स्टील रोलिंग मिल्स के एमडी लोकेश जैन समेत कई उद्योगपति शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने फरवरी 2025 में जारी अपनी उद्योग संवर्धन नीति में अगले पांच सालों में प्रदेश में 20 लाख से अधिक रोजगार तैयार करने का लक्ष्य तय किया है।

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First Published - July 7, 2025 | 6:43 PM IST

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