facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

45 साल की सेवा के बाद अमिताभ कांत का इस्तीफा, कहा- देश की प्रगति के लिए अलग तरीके से काम करना जारी रखूंगा

जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने 45 साल की सरकारी सेवा के बाद इस्तीफा दिया, अब देश की तरक्की में निजी क्षेत्र से निभाएंगे नई भूमिका।

Last Updated- June 16, 2025 | 11:01 PM IST
amitabh kant
जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत

भारत के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने सरकार में 45 वर्षों से अधिक समय तक सेवा करने के बाद सोमवार को पद छोड़ दिया। कांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर लिखा, ‘मैंने नए अवसरों को अपनाने और जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने का फैसला किया है। मैं भारत के जी20 शेरपा के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार करने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने को मुझ पर भरोसा जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल की गहराई से आभारी हूं, जिन्होंने देश के विकास पथ को आकार दिया।’

कांत नई दिल्ली में साल 2023 जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत के जी20 शेरपा थे और उन्होंने शिखर सम्मेलन से पहले प्रमुख मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण काम किया। उन्होंने लिखा, ‘वर्ष 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता का नेतृत्व करना मेरे करियर में महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर था। जटिल वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन पर सर्वसम्मति बनाई और प्रमुख विकासात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। भारत की जी20 अध्यक्षता लोगों पर केंद्रित और समावेशी थी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें आयोजित की गईं। इससे सहकारी संघवाद को मजबूती मिली, स्थानीय संस्कृति का जश्न मनाया गया और राष्ट्रव्यापी बुनियादी ढांचे को उन्नत किया गया। हमने वैश्विक इक्विटी और ग्लोबल साउथ की आवाज के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए अफ्रीकी संघ को जी20 में सफलतापूर्वक शामिल करना भी सुनिश्चित किया।’

Also Read: 2047 तक विकसित भारत बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा देश: आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस महेंद्र देव

 

अपने पेशेवर भविष्य पर कांत ने अपनी तत्काल योजनाओं का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि वे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बोर्ड में हैं और उद्योग के साथ अन्य जुड़ावों के साथ वहां सेवा करना जारी रखेंगे।

उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘वर्षों तक सरकार में काम करने के बाद मैं देश की प्रगति के लिए अलग-अलग तरीकों से काम करना जारी रखूंगा। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि मैं अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग के लिए काम करता रहूंगा।’ कांत ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में टेक्नोलॉजी, इन्फ्रा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर उनका ध्यान बना रहेगा। उन्होंने अपने लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि वह विकसित भारत के लिए स्वतंत्र उद्यम का समर्थन करेंगे।

Also Read: 16 साल बाद जनगणना की वापसी, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना; पहली बार होगा जातिगत आंकड़ों का समावेश

उन्होंने कहा, ‘मैंने लगभग एक साल पहले प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था, और मैं आभारी हूं कि उन्होंने मेरे अनुरोध को मंजूरी दे दी। मुझे लगा कि सरकार में चार दशकों से अधिक समय के बाद मुझे एक ब्रेक की जरूरत है।’

First Published - June 16, 2025 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट