facebookmetapixel
Advertisement
भारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिक

ट्रंप के टैरिफ को अदालत से झटका, भारत बोला– अमेरिका के साथ ​व्यापार वार्ता पटरी पर

Advertisement

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 5 और 6 जून को अमेरिकी कारोबारी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले दौर की बातचीत के लिए भारत आने वाला है।

Last Updated- May 29, 2025 | 11:43 PM IST
India US Trade

मैनहैटन की अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत द्वारा विभिन्न देशों के विरुद्ध अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्क सहित तमाम शुल्क को अवैध ठहराए जाने के बीच भारत ने कहा है कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सालाना सम्मेलन में आज स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

गोयल ने कहा, ‘भारत कभी दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता। मुझे यकीन है कि भारत आने वाले दिनों में अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ परस्पर लाभकारी व्यापारिक समझौते करने में सफल रहेगा।’ वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जा​हिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि यह अमेरिका की आंतरिक कानूनी लड़ाई है और हमें उसमें पड़ने की जरूरत नहीं है। भारत के साथ बातचीत पहले की तरह चलती रहेगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 5 और 6 जून को अमेरिकी कारोबारी अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले दौर की बातचीत के लिए भारत आने वाला है।

सीआईआई के कार्यक्रम में अमेरिका के साथ भारत के मुख्य वार्ताकार और मनोनीत वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा, ‘विचार यह था कि दोनों पक्षों के नैसर्गिक संबंधों का लाभ लिया जाए। समग्र बातचीत शुल्क, व्यापार घाटे के इर्दगिर्द केंद्रित रही। एक बड़े बाजार के रूप में उनको इन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उनका बाजार साल दर साल भारी घाटे से गुजर रहा है। यह बात हमारी व्यापारिक साझेदारी की राह में आड़े नहीं आनी चाहिए। हमें एक साझेदारी को अंजाम देने की दिशा में काम करना चाहिए जहां स्वाभाविक तुलनात्मक लाभ हों और दोनों पक्षों के कारोबारों के लिए तुलनात्मक प्राथमिकता हो। हम आगे बढ़ रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्दी ही हम इस कठिन समय से पार पाने में कामयाब रहेंगे और जल्दी ही अच्छा नतीजा निकलेगा।’

इस बीच जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते में सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ट्रंप के दौर के ये शुल्क न केवल विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उल्लंघन हैं बल्कि अमेरिकी अदालत ने भी अब यह पुष्टि कर दी है कि वे अमेरिका के घरेलू कानूनों के भी खिलाफ हैं। ट्रंप शुल्क की अवैधानिकता को देखते हुए भारत को फिलहाल रुक जाना चाहिए और अपनी बातचीत की रणनीति पर नए सिरे से विचार करना चाहिए। उसके बाद भी उसे ऐसे किसी समझौते पर आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि वह अनुचित ढंग से अमेरिका के हितों का पोषण करने वाला हो सकता है।’

कानूनी पेच

अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय कारोबार अदालत ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति ने आपात शक्तियों का इस्तेमाल करके शुल्क लगाने में अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है। अदालत ने कहा कि संघीय कानून इसकी इजाजत नहीं देते। तीन न्यायाधीशों के पीठ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन 10 दिन के भीतर नए आदेश जारी करके स्थायी निषेधज्ञा जारी करे।

इसके जवाब में ट्रंप प्रशासन ने अदालत के अधिकार पर ही सवाल उठा दिया है। अदालत ने ट्रंप के टैरिफ संबंधी आदेशों को तत्काल प्रभाव से अवैध ठहराया। ये आदेश अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक अधिकार अधिनियम के तहत दिए गए थे। यह कानून राष्ट्रीय आपात के दौरान असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लागू किया जाता है।

(साथ में रॉयटर्स)

Advertisement
First Published - May 29, 2025 | 11:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement