facebookmetapixel
नॉन-डिस्क्लोजर’ या गलत अनुमान? हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन की असली वजहें क्या होती हैंगाड़ियों की खुदरा बिक्री 2025 में 7.7% बढ़कर 2.81 करोड़ पहुंची: फाडायूपी में SIR के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी, 2.89 करोड़ नाम हटेमोतीलाल ओसवाल MF का नया फ्लेक्सी कैप पैसिव FoF, शुरुआती निवेश 500 रुपये; कहां-कैसे लगेगा आपका पैसाHDFC बैंक में दो दिन में 4.5% गिरावट, निवेशकों के लिए चेतावनी या मौका? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट₹90 से ₹103 तक? Modern Diagnostic IPO की लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट में दिखा बड़ा संकेतCCI रिपोर्ट में खुुलासा: TATA-JSW-SAIL समेत 28 कंपनियों ने स्टील की कीमतें तय करने में सांठगांठ की2026 का IPO कैलेंडर: Jio से Coca-Cola तक, 9 बड़े नाम बाजार में एंट्री को तैयारSBI की उड़ान जारी: मार्केट कैप ₹10 लाख करोड़ के करीब, ब्रोकरेज ने कहा- ₹1,120 तक जा सकता है भाववेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए 2040 तक 183 अरब डॉलर निवेश की जरूरत

1 अक्टूबर से बीमा सरेंडर के नए मानदंड लागू, कंपनियां पेश करेंगी सर्वाधिक बिकने वाले उत्पाद

कंपनियां इरडाई के उत्पाद विनियमन 2024 के अनुरूप अपने कुल प्रीमियम में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्पाद पेश करेंगी।

Last Updated- September 30, 2024 | 10:39 PM IST
Insurance

बीमा छोड़ देने (सरेंडर करने) के लिए नए मूल्य मानदंड आज (1 अक्टूबर) से लागू होने के कारण ज्यादातर जीवन बीमा कंपनियां अपने सर्वाधिक बिकने वाले नॉन-पार्टिसिपेटिंग उत्पादों के संशोधित संस्करण तुरंत जारी कर रही हैं। कंपनियां इरडाई के उत्पाद विनियमन 2024 के अनुरूप अपने कुल प्रीमियम में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्पाद पेश करेंगी।

उद्योग के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि उनके पोर्टफोलियो में शेष उत्पादों को दिसंबर तक लक्ष्य पूरा करने के साथ उचित समय पर पेश किया जाएगा। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) ने जून में ‘जीवन बीमा उत्पादों के लिए मास्टर सर्कुलर’ जारी किया था। इसमें पॉलिसियां तय समय से पहले बंद करने वाले उपभोक्ताओं के बेहतर भुगतान के लिए मानदंड सुनिश्चित किए गए थे।

संशोधित मानदंडों के अनुसार जीवन बीमा कंपनियों को पहले पॉलिसी वर्ष के पूरा होने के बाद एक बढ़ा हुआ विशेष सरेंडर मूल्य (एसएसवी) देना होगा, बशर्ते ग्राहक ने एक पूरे वर्ष का प्रीमियम चुकाया हो। अभी तक कंपनियां पहले वर्ष में पॉलिसी छोड़ देने वाले उपभोक्ताओं को ऐसी राशि का भुगतान नहीं करती थीं।

इसके अतिरिक्त मानदंडों में कहा गया है कि एसएसवी की गणना करने के लिए चुकता मूल्य में छूट की दर 10-वर्षीय जी-सेक यील्ड से 50 आधार अंक अधिक होगी। इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ ऋषभ गांधी ने कहा, ‘इंडिया फर्स्ट लाइफ इरडाई के उत्पाद विनियमन 2024 के अनुरूप अपने कारोबार में योगदान देने वाले 80-90 फीसदी उत्पादों का संशोधन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।’

First Published - September 30, 2024 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट