facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

GST पेमेंट, तिमाही के आखिर में उधारी की मांग से माह के अंत तक कम हो सकती है नकदी

2000 रुपये के नोट वापस लेने के फैसले के कारण बीते महीने की तुलना इस महीने (जून, 2023) में नकदी अधिक आई

Last Updated- June 18, 2023 | 10:55 PM IST
GST payments, Quarter end credit demand may squeeze liquidity
Business Standard

अग्रिम करों के लिए 1.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने के बाद महीने के आखिर में जीएसटी भुगतान चुकाने के लिए अब पर्याप्त नकदी को लेकर दबाव बन गया है। बैंकरों का कहना है कि पहली तिमाही (वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही) में उधारी वितरण में तेजी के आने से फंड की जरूरत बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में RBI को अधिक नकदी डालने की स्थितियां बन रही हैं।

इंडिया रेटिंग ऐंड रिसर्च के कोर एनॉलिटिक्ल ग्रुप के निदेशक सोम्यजीत नियोगी ने बताया कि 2000 रुपये के नोट वापस लेने के फैसले के कारण बीते महीने की तुलना इस महीने (जून, 2023) में नकदी अधिक आई। भारतीय रिजर्व बैंक ने मनी मार्केट आपरेशंस के जरिये 1.58 लाख करोड़ रुपये की नकदी गुरुवार को सोख ली। यह अतिरिक्त नकदी का यह स्तर व्यवस्था के लिए करीब करीब पर्याप्त है।

नियोगी ने बताया कि धन पर ब्याज दरें बढ़ी हैं। इससे नकदी की मांग बढ़ गई है। जीएसटी राजस्व संग्रह मई 2023 को 1,57 लाख करोड़ रुपये हो गया।

Also read: PLI एजेंसियों पर सरकार हो सकती है सख्त, अधिकारों के दुरुपयोग पर रोक लगाने का इरादा

क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि भारित औसत कॉल दरें 13 जून के 6.4 फीसदी से बढ़कर 16 जून को 6.65 फीसदी हो गई जो बैंकों में अलग-अलग नकदी की स्थित को दर्शाती है। मुद्रा बाजार के डीलरों का कहना है कि यही स्तर पर आने वाले समय में रहने की उम्मीद है।

First Published - June 18, 2023 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट