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ग्रामीण स्टार्टअप के लिए बेहतर सप्लाई चेन, इंफ्रास्ट्रक्चर, फंडिंग तक आसान पहुंच की जरूरत

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बजट तथा लोकसभा चुनाव के नजदीक आने पर स्टार्टअप को उम्मीद है कि सरकार विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देगी।

Last Updated- January 07, 2024 | 6:03 PM IST
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ग्रामीण स्टार्टअप रिसर्च तथा इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए नए कार्यक्रमों के वास्ते मजबूत आधार तैयार रहे हैं, क्योंकि जमीनी स्तर के उद्यमी को सुव्यवस्थित सप्लाई चेन, सब्सिडी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग तक आसान पहुंच की दरकार हैं।

बजट तथा लोकसभा चुनाव के नजदीक आने पर स्टार्टअप को उम्मीद है कि सरकार विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देगी। हालांकि , पिछले कुछ साल में विभिन्न नीतिगत बदलावों से उनके समग्र प्रदर्शन में सुधार हुआ है।

क्रिनी स्पाइसेज के संस्थापक प्रदीप कुमार यादव ने कहा, “भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को पुराने उपकरण, अप्रभावी सप्लाई चेन, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमित वित्त उपलब्धता जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार हमें ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़ने में मदद करेगी ताकि हम अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात कर सकें।”

Also read: भारतीय अर्थव्यवस्था कर रही कम खपत वृद्धि की चुनौती का सामना, महंगाई को नीचे लाना जरूरी: रिपोर्ट

क्रिनी स्पाइसेस को मार्च 2017 में शुरू किया गया था। इसमें 22 प्रत्यक्ष और 100 से अधिक अप्रत्यक्ष कर्मचारी हैं। कंपनी ने 2022-23 में 4.19 करोड़ रुपये का कारोबार किया। विभिन्न स्टार्टअप ने अपनी इच्छित बजट सूची में निर्यात तंत्र को आसान बनाने की मांग की।

सरकार अगले महीने संसद में लेखानुदान पेश करेगी और आम चुनाव के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। कृषि फिल्म और औद्योगिक पैकेजिंग फिल्म का विनिर्माण करने वाली पुणे की आइरिस पॉलीमर्स के संस्थापक अरुण अवातडे ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को इंटरनेशनल सप्लाई और सेल चेन से जुड़ने में मदद कर सकती है ताकि कच्चे माल का आयात तथा तैयार उत्पादों का निर्यात आसान हो सके।

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First Published - January 7, 2024 | 6:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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