भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा जारी किए गए 20 राज्यों के मासिक खातों के विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों (अप्रैल-दिसंबर) के बाद राज्यों ने अपने संयुक्त वार्षिक बजट पूंजीगत व्यय के केवल 45.8 प्रतिशत या 3.8 लाख करोड़ रुपये खर्च करने में सफलता पाई है जबकि उनका कुल […]
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संसद में आर्थिक समीक्षा पेश होने के एक दिन बाद सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि घरेलू उद्योग को हमेशा के लिए संरक्षण नहीं मिल सकता लेकिन निर्यात प्रदर्शन और नवाचार के बदले में उन्हें सुरक्षा मिल सकती है। रुचिका चित्रवंशी के साथ वर्चुअल बातचीत में नागेश्वरन ने कहा कि […]
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चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 54.5 प्रतिशत तक सीमित रहा है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 56.7 प्रतिशत के स्तर पर रहा था। दिसंबर 2025 में कंपनी कर, सीमा शुल्क में बढ़ोतरी और पूंजीगत व्यय में सालाना गिरावट के बीच यह आंकड़ा (54.5 प्रतिशत) […]
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विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) ने भारत के साथ एक नया देशीय साझेदारी ढांचा (कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क) समझौता किया है। डब्ल्यूबीजी ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते का मकसद भारत के विकास के अगले चरण को गति देना है। इस समझौते के तहत अगले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2026 से 2031) की अवधि में […]
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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को लगातार अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार आम बजट में किसी खास राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) के आंकड़े को लक्षित करने के बजाय ऋण-जीडीपी अनुपात (debt-to-GDP ratio) को कम करने पर जोर दिया जाएगा, जो इस समय लगभग 56 फीसदी […]
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महंगाई कितनी बढ़ी, कितना दबाव जेब पर पड़ा और रोजमर्रा का खर्च कितना बदला, इन सबका जवाब देने वाला सबसे अहम पैमाना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI अब बदलने जा रहा है। बदलती जीवनशैली, खर्च के नए तरीके और डिजिटल अर्थव्यवस्था के असर को देखते हुए सरकार ने CPI के आधार वर्ष को अपडेट करने […]
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India EU FTA: बल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत को अपने व्यापार संबंधों में डायवर्सिफाई करने में मदद करेगा और भारतीय निर्यातकों को बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच देगा। यह समझौता अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ के कारण बढ़ी […]
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भारत का सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि का आधार बना हुआ है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार सेवाओं को उच्च स्तर पर ले जाने वाली तीव्र तकनीकी प्रगति कंपनी और श्रमिक स्तर पर अनुकूलन की गति से अब आगे निकल रही है। इससे कौशल की कमी और व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं। समीक्षा में यह […]
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गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा में चेतावनी दी गई है कि भारत के लिए बाहरी माहौल शायद ‘अस्थिर’और ‘कम मददगार’ रहेगा। इसलिए कि दुनिया भर में व्यापार, निवेश और पूंजी प्रवाह दरअसल व्यापार उदारीकरण को छेड़कर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं। भारत के लिए इसका अर्थ यह है कि निवेश […]
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आर्थिक समीक्षा ने वित्त वर्ष 2027 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया है क्योंकि अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच घरेलू मांग और निवेश में मजबूती की उम्मीद है। समीक्षा में कहा गया है, घरेलू कारकों की प्रमुख भूमिका और व्यापक आर्थिक स्थिरता मजबूत होने के साथ वृद्धि […]
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