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ग्लोबलाइजेशन को अपनी जरूरत के हिसाब से ढालना होगा, स्टेकहोल्डर कैपिटलिज्म पर देना होगा जोर: सीतारमण

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IICA शिलांग कॉन्क्लेव में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर ग्लोबलाइजेशन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप्स के लिए मजबूत ढांचे की जरूरत बताई।

Last Updated- July 11, 2025 | 6:09 PM IST
nirmala sitharaman
कार्यक्रम को संबोधित करती वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (IICA) के नॉर्थ ईस्ट कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज की जरूरत ऐसी ग्लोबलाइजेशन की है, जो स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखे और जिसमें पूंजीवाद के साथ मानवीय मूल्य भी जुड़े हों। वित्त मंत्री ने कहा, “हमें ऐसा ग्लोबल माहौल नहीं चाहिए, जो हमें बहा ले जाए। हमें अपने बिजनेस को और जवाबदेह बनाना होगा।”

सीतारमण ने नॉर्थ ईस्ट के नैतिक मूल्यों की तारीफ की और कहा कि यहां रिश्तों और समुदाय को बहुत सम्मान दिया जाता है। उन्होंने इसे स्टेकहोल्डर पूंजीवाद का बेहतरीन उदाहरण बताया। इस मौके पर उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि इस क्षेत्र के सामान को देश के बाकी हिस्सों में तेजी और आसानी से पहुंचाया जा सके।

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लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप्स पर जोर

वित्त मंत्री ने नॉर्थ ईस्ट में लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “यह मेरी शिकायत है कि अभी तक बहुत कुछ किया जाना बाकी है। मेघालय के अनानास को मुंबई तक सड़क मार्ग से पहुंचाना पड़ता है। हमें हवाई परिवहन और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाओं को बढ़ाना होगा।” उन्होंने इस क्षेत्र के उत्पादों को देशभर में तेजी से पहुंचाने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत बताई।

IICA की शिलांग में दूसरा ब्रांच शुरू होने की सराहना करते हुए सीतारमण ने कहा कि यह संस्थान नॉर्थ ईस्ट के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। 2006 में स्थापित IICA कॉरपोरेट गवर्नेंस और पब्लिक पॉलिसी में थिंक टैंक और ट्रेनिंग का काम करता है। यह कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम करता है।

वित्त मंत्री ने बताया कि नॉर्थ ईस्ट में DPIIT से मान्यता प्राप्त 2,300 स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से 69 मेघालय में हैं। उन्होंने IICA और IIM शिलांग जैसे संस्थानों से अपील की कि वे पेशेवरों को एक मंच पर लाएं, ताकि आपसी सहयोग बढ़े और नियमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि युवा तेजी से दुनिया की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल रहे हैं। अगर नीतिगत समर्थन भी साथ मिले, तो यह उद्यमिता के लिए सुनहरा मौका होगा।

सीतारमण ने IICA की शिलांग शाखा को क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम बताया और कहा कि यह स्थानीय कारोबारियों और युवाओं को नई दिशा देगा।

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First Published - July 11, 2025 | 6:02 PM IST

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