facebookmetapixel
Bank Stock पर 3 ब्रोकरेज ने ₹1,500 का दिया टारगेट, शेयर 4% चढ़ा; खरीदें या मुनाफा काटें?GAIL Dividend 2026: गेल डिविडेंड 2026 को लेकर बड़ा संकेत, रिकॉर्ड डेट भी तयमोतीलाल ओसवाल ने इन 5 स्टॉक्स को बनाया फंडामेंटल पिक, 32% तक अपसाइड के दिये टारगेट6 साल बाद फिर नंबर 2! विदेशी निवेशकों की मेहरबानी से SBI का मार्केट कैप ₹9.60 लाख करोड़, ICICI Bank को पछाड़ाIndia-EU FTA: भारत-EU के बीच FTA पर साइन, पीएम मोदी ने किया ऐलानShadowfax Technologies IPO डिस्काउंट पर लिस्ट होगा? जानें लिस्टिंग डेट और क्या कहता है जीएमपीडिस्काउंट vs डिमांड: Maruti Suzuki की Q3 कहानी में कौन पड़ेगा भारी? चेक करें 4 ब्रोकरेज की रायIT Stock: शानदार नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 53% अपसाइड का टारगेटGold and Silver Price Today: सोना नए ​शिखर पर, चांदी ₹3.56 लाख के पार नई ऊंचाई परदो दशक बाद भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर, 136 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार

Foreign Exchange Reserves: मई में विदेशी मुद्रा भंडार 651.5 अरब डॉलर की नई ऊंचाई पर

Foreign Exchange Reserves: दास ने भरोसा जताया कि केंद्रीय बैंक देश की बाह्य वित्तीय जरूरतों को सहजतापूर्वक पूरी करने की स्थिति में है।

Last Updated- June 07, 2024 | 10:02 PM IST
Hidden forex charges bothering you? Expert explains what RBI's rules change

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.83 अरब डॉलर बढ़कर 31 मई को 651.5 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद जारी बयान में दी। दास ने भरोसा जताया कि केंद्रीय बैंक देश की बाह्य वित्तीय जरूरतों को सहजतापूर्वक पूरी करने की स्थिति में है।

उन्होंने बताया, ‘भारत ने नई उपलब्धि हासिल की है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 31 मई, 2024 को ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर 651.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत का बाह्य क्षेत्र मजबूत रहा और प्रमुख बाह्य जोखिम संकेतक बेहतर हुए हैं। हमें भरोसा है कि हम कुल मिलाकर अपनी बाह्य वित्तीय जरूरतों को सहजतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।’ देश का विदेशी मुद्रा भंडार इसके पहले 24 मई को 646.6 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

एसबीआई कैपिटल मार्केट ने अपने नोट में बताया, ‘विदेशी संस्थागत निवेशकों की धन निकासी और शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में सुस्ती के बावजूद भारत विदेशी प्रवाह के लिए आकर्षक गंतव्य रहा है। रिकॉर्ड 651 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बाह्य वित्त प्रबंधन के विश्वास को रेखांकित करता है।

इसके अलावा ईसीबी समझौतों, गैर निवासी जमा और सूचकांकों में भारतीय बॉन्ड को शामिल किए जाने के कारण विदेशी मुद्रा का प्रवाह तेजी से बढ़ेगा। इन कारकों के अलावा यूएस फेड की मौद्रिक गतिविधियों का भारत के मजबूत बाह्य क्षेत्र व आर्थिक विकास पर सीमित प्रभाव रह सकता है।’

First Published - June 7, 2024 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट