facebookmetapixel
दिसंबर में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 4 महीने की ऊंचाई पर, महंगाई भी बढ़ीBudget 2026: बीमा उद्योग ने कर लाभ और प्रीमियम सीमा बढ़ाने की मांग की, सुरक्षा और स्वास्थ्य पॉलिसियों पर फोकसभारत में बागवानी फसलें अनाज को पछाड़ रही, फल व सब्जियों की खेती में तेजीअमेरिकी सीनेटर ने व्यापार वार्ता में तेजी लाने का आह्वान किया और दाल आयात पर जोर दियाभारत है निवेश के लिए अमेरिका के बाद सबसे पसंदीदा ठिकाना, विदेशी और घरेलू CEO आर्थिक वृद्धि में आशावादीफिक्की का तिमाही विनिर्माण सूचकांक उच्चतम स्तर पर, 91% फर्मों ने उत्पादन वृद्धि या स्थिरता की उम्मीद जताईसेंट्रल रजिस्ट्री पर केंद्र को मिलेगा नियंत्रण! सरफेसी ऐक्ट 2002 में संशोधनों पर विचार कर रही सरकारभारत में निवेश का भरोसा बढ़ा, महाराष्ट्र और आंध्र में बड़ी कंपनियों ने किए करोड़ों के समझौतेभारत-ईयू अगले सप्ताह ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा के करीब: उर्सुलाराजमार्ग भूमि मुआवजे में कमियां, NH अधिनियम ढांचे पर फिर से विचार करे केंद्र सरकार

Cabinet Decisions: आंध्रप्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई दिशा, बदवेल-नेल्लोर 4-लेन कॉरिडोर को मिली मंजूरी

इस परियोजना की कुल लागत ₹3653.10 करोड़ है और इसे Design-Build-Finance-Operate-Transfer (DBFOT) मोड पर बनाया जाएगा।

Last Updated- May 28, 2025 | 5:25 PM IST
Cabinet National Highways
बिजनेस स्टैंडर्ड हिन्दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आंध्र प्रदेश में 108.134 किलोमीटर लंबे 4-लेन बदवेल-नेल्लोर कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत ₹3653.10 करोड़ है और इसे Design-Build-Finance-Operate-Transfer (DBFOT) मोड पर बनाया जाएगा।

औद्योगिक गलियारों को जोड़ेगा यह प्रोजेक्ट

यह कॉरिडोर आंध्र प्रदेश के तीन प्रमुख औद्योगिक गलियारों से जुड़े महत्त्वपूर्ण नोड्स को जोड़ेगा:

  • कोप्पारथी (विशाखापत्तनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर – VCIC)
  • ओर्वकल (हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर – HBIC)
  • कृष्णपट्टनम (चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर – CBIC)

इससे भारत के लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (LPI) में सुधार की संभावना है।

यह कॉरिडोर वाईएसआर कडप्पा जिले के गोपालवरम गांव से शुरू होकर एसपीएसआर नेल्लोर जिले में स्थित कृष्णपट्टनम पोर्ट जंक्शन (NH-16) तक जाएगा। यह पोर्ट CBIC का प्राथमिक नोड घोषित किया गया है।

बदवेल से नेल्लोर के बीच यात्रा दूरी मौजूदा 142 किमी से घटकर अब 108.13 किमी रह जाएगी, जिससे 33.9 किमी की बचत होगी। साथ ही, यात्रा समय में एक घंटे की कमी आएगी, जिससे ईंधन की खपत घटेगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और वाहन संचालन लागत भी कम होगी।

20 लाख मानव-दिन का प्रत्यक्ष रोजगार, 23 लाख मानव-दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार 

परियोजना निर्माण से लगभग 20 लाख मानव-दिन का प्रत्यक्ष रोजगार और 23 लाख मानव-दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। साथ ही, कॉरिडोर के आस-पास आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

बदवेल-नेल्लोर कॉरिडोर परियोजना ना केवल आंध्र प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देगी बल्कि देश के लॉजिस्टिक नेटवर्क, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में भी नया आयाम जोड़ेगी। यह एक दूरदर्शी निवेश है जो भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और आर्थिक प्रगति को नई दिशा देगा।

Cabinet Decisions: Indian Railways का बड़ा फैसला; रतलाम-नागदा, वर्धा-बल्हारशाह रूट पर तीसरी- चौथी लाइन को मिली मंजूरी

Cabinet Decisions: खरीद फसलों के लिए MSP का ऐलान, धान की कीमत में ₹69 प्रति ​क्विंटल इजाफा

First Published - May 28, 2025 | 4:49 PM IST

संबंधित पोस्ट