facebookmetapixel
अजित पवार का 66 साल की उम्र में निधन: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रियIndia-EU ट्रेड डील पर मार्केट का मिक्स्ड रिएक्शन! ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों परBudget 2026: राष्ट्रपति ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा – EU से डील सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को देगा रफ्तारShadowfax Tech IPO Listing: निवेशकों को झटका, 9% डिस्काउंट के साथ 113 रुपये पर लिस्ट हुए शेयरAsian paints share: कमजोर नतीजों से ब्रोकरेज निराश, रेटिंग और टारगेट डाउनग्रेड; निवेशकों के लिए क्या संकेत?Auto Sector: CV से लेकर टू व्हीलर तक बूम का अनुमान, नुवामा के टॉप पिक में ये 3 स्टॉक सबसे आगेविमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत, पीएम मोदी ने असमय निधन पर जताया दुखGold, Silver Price Today: सारे रिकॉर्ड टूटे, सोना ₹1.62 लाख और चांदी ₹3.77 लाख के पारकंपनियां बॉन्ड छोड़ बैंकों की ओर क्यों लौटीं? SBI रिसर्च की रिपोर्ट में जानें

Budget 2024-25: मोबाइल टावर कंपनियों की इनपुट टैक्स क्रेडिट की मांग

डिजिटल आधारभूत सेवाप्रदाता एसोसिएशन (DIPA) ने कहा कि यह क्षेत्र दूरसंचार के टावर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की उपलब्धता के लिए सरकार की मदद चाहता है।

Last Updated- January 23, 2024 | 10:29 PM IST
Shares of this company reached Rs 180 to Rs 450 in a year with 150 percent return, investors should keep an eye on 30th July 150 फीसदी रिटर्न के साथ एक साल में 180 से 450 रुपये पहुंच गया इस कंपनी का शेयर, निवेशक 30 जुलाई पर रखें नजर

दूरसंचार आधारभूत प्रदाताओं ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि आगामी बजट में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जारी किया जाए और स्रोत पर कटौती (टीडीएस) के उपबंधों को तर्क संगत बनाया जाए।

डिजिटल आधारभूत सेवाप्रदाता एसोसिएशन (डीआईपीए) ने मंगलवार को कहा कि यह क्षेत्र दूरसंचार के टावर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की उपलब्धता के लिए सरकार की मदद चाहता है। बीते कुछ वर्षों से उद्योग आईटीसी जारी करने की मांग को जोरदार ढंग से उठा रहा है।

टावरों के आयातित उपकरणों पर जीएसटी भुगतान और घरेलू रिवर्स चार्ज के कारण दूरसंचार कंपनियों का आईटीसी प्रचुर मात्रा में एकत्रित हो गया है। हालांकि जीएसटी के कानून के तहत इनपुट पर टैक्स भुगतान के रिफंड का दावा किया जा सकता है, लेकिन इस सुविधा से दूरसंचार के आधारभूत ढांचे को अलग रखा गया है।

सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की ‘संयंत्र और मशीनरी’ की परिभाषा में दूरसंचार के टावरों को शामिल नहीं किया गया है। इससे पहले डीआईपीए ने कहा था कि आईटीसी को मंजूरी न मिलने के करने के कारण बड़ी संख्या में मुकदमेबाजी हो रही है।

डीआईपीए ने यह भी मांग की है कि औद्योगिक या वाणिज्यिक बैटरियों पर कर मूल्य ह्रास की दर को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया जाए। उद्योग का अनुमान है कि इससे बैटरी के तीन वर्ष के आर्थिक जीवन के भीतर ही उसकी लागत को हासिल करना तय हो पाएगा।

उद्योग निकाय की यह भी चाहत है कि बिजली या डीजल की खरीदारी पर टीडीएस के उपबंधों को युक्तिसंगत किया जाए। डीआईपीए के महानिदेशक टी. आर. दुआ ने कहा, ‘बजट में सहायक नीतियां, सरल विनियमन और आसान जीएसटी मानदंड पेश किए जाने चाहिए।

First Published - January 23, 2024 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट