facebookmetapixel
Advertisement
ईरान-अमेरिका समझौते की उम्मीद से सस्ता हुआ कच्चा तेल, कई महीनों बाद 80 डॉलर के नीचे आयाराज्यों ने बॉन्ड बाजार से जुटाए ₹20,461 करोड़, जानिए किस राज्य को मिला सबसे सस्ता कर्जईरान संकट का असर! सरकार ने डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ाया टैक्स, क्या महंगा होगा सफर?10 साल में राज्यों का कर्ज ₹31 लाख करोड़ से बढ़कर ₹90 लाख करोड़ईरान-अमेरिका समझौते से भारत को बड़ी राहत, फिर भी तेल सस्ता होने में लग सकते हैं कई महीने!Corporate Bonds: सस्ती उधारी ने बढ़ाया कंपनियों का उत्साह, रिकॉर्ड फंड जुटाने की तैयारीदुनिया को बराबरी पर लाने की बात, G7 में गूंजा भारत का संदेशसरकार के नए नियम से आयुष कंपनियों की लग सकती है लॉटरीStock Market Today: शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत के संकेत, FED के फैसले से पहले एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुखविदेश जाने का क्रेज कम हुआ? चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए

Byju’s की ऑडिट रिपोर्ट पर सवाल!

Advertisement

वित्तीय विवरण जारी करने में देर के कारण जांच के घेरे में बैजूस

Last Updated- August 03, 2023 | 10:41 PM IST
Byjus

भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) ने एडटेक दिग्गज बैजूस (Byju’s) का मामला आगे की कार्रवाई के लिए अपनी अनुशासन समिति के पास भेज दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। फिलहाल ICAI का वित्तीय रिपोर्टिंग समीक्षा बोर्ड (FRRB) बैजूस के वित्तीय विवरण की जांच कर रहा है।

मामले से वाकिफ एक शख्स ने कहा कि FRRB ने कुछ मसले उठाए हैं, जिन पर अनुशासन समिति विचार करेगी। उक्त शख्स ने कहा, ‘कुछ मसलों पर आगे और जांच की जरूरत महसूस की गई। तीन-चार बिंदुओं पर सवाल हैं, जिनकी जांच अनुशासन समिति करेगी।’

ICAI की इकाई FRRB के पास उद्यमों के सामान्य उद्देश्य वाले वित्तीय ब्योरे तथा ऑडिटर की रिपोर्ट की समीक्षा करने का अ​धिकार है। FRRB ने बैजूस की बैलेंस शीट, नफा-नुकसान के खाते, खाते के बारे में नोट और ऑडिटर की रिपोर्ट आदि को जांचा है।

Also read: Byjus Layoff: अमेरिकी निवेशक के साथ कानूनी विवाद के बीच बैजूस ने फिर की छंटनी, अब 1000 कर्मचारियों को निकाला

अगर अनुशासन समिति ऑडिटर को पेशेवर कदाचार का दोषी पाती है तो वह ऑडिटर पर अ​धिकतम 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा सकती है और उस पर प्रतिबंध भी लगा सकती है। ICAI सनदी लेखाकार अ​धिनियम के तहत ऑडिटर के ​खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, लेकिन ऑडिट फर्म के ​खिलाफ नहीं।

डेलॉयट ह​​स्किन्स ऐंड सेल्स ने हाल ही में बैजूस के वैधानिक ऑडिटर पद से इस्तीफा दे दिया था। डेलॉयट ने कहा था कि कंपनी 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए ऑडिट किया गया वित्तीय विवरण जारी ही नहीं कर रही है, इसलिए वह इस्तीफा दे रही है।
इस बारे में जानकारी के लिए बिज़नेस स्टैंडर्ड ने डेलॉयट को ईमेल भेजा मगर कोई जवाब नहीं आया। बैजूस को भेजे गए ईमेल का भी जवाब नहीं आया।

बैजूस ने अपना वित्तीय ब्योरा जमा कराने में 22 महीने की देर कर दी थी, जिसके कारण उसकी वित्तीय जानकारी ICAI की जांच के दायरे में आ गई। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने भी कंपनी के ​खिलाफ जांच शुरू की है। इसके तहत ऑडिटरों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है क्योंकि बैजूस ने अभी तक वित्त वर्ष 2022 के नतीजे दा​खिल नहीं किए हैं।

Also read: Byju’s के आकाश में निवेश करेंगे रंजन पई!

वित्त वर्ष 2021 के नतीजे भी देर से जमा कराए गए थे। उपलब्ध वित्तीय विवरण के मुताबिक बैजूस ने 2020-21 में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया था, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 19 गुना अ​धिक है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की आय 2,428 करोड़ रुपये रही थी।

इस्तीफा देते समय डेलॉयट ने कंपनी के बोर्ड को लिखे पत्र में कहा था, ‘31 मार्च, 2022 को खत्म हुए वित्त वर्ष के वित्तीय विवरण जारी करने में काफी देर हो गई है… हमें 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट में किए गए संशोधनों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। संबं​धित वित्त वर्ष के वित्तीय विवरण और खाते तथा अन्य रिकॉर्ड तैयार हैं लेकिन हम आज तक ऑडिट शुरू नहीं कर पाए हैं।’

Advertisement
First Published - August 3, 2023 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement