टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का आपूर्ति श्रृंखला पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समूह ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को कम करने की योजना बनाई है।
चंद्रशेखरन ने पश्चिम एशिया में कार्यरत टाटा समूह की कंपनियों के कर्मचारियों की सुरक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर काफी अनिश्चितता की स्थिति है। पिछला साल भी काफी कठिन रहा। मुझे लगता है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे और मुझे उम्मीद है कि आपूर्ति श्रृंखला में कोई समस्या नहीं आएगी।’ चंद्रशेखरन ने कहा, ‘भू-राजनीतिक स्थिति में अनिश्चितता को देखते हुए, हमने न केवल टाटा समूह बल्कि देश के लिए भी मौजूदा स्थिति से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को कम करने की योजना बनाई है।’
चंद्रशेखरन टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन तथा समूह की विभिन्न कंपनियों के प्रमुखों के साथ टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी नुसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए जमशेदपुर में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील पश्चिम एशिया से चूना पत्थर खरीदती है और उसके पास पर्याप्त भंडार है। उन्होंने कहा, ‘टाटा स्टील वैकल्पिक स्रोतों से भी चूना पत्थर खरीदेगी। हमें विश्वास है कि इससे कोई समस्या नहीं होगी।’
टाटा समूह के चेयरमैन ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा अब उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘हमारे कर्मचारी वहां सेवा कंपनियों और होटल में काम कर रहे हैं। एयर इंडिया के विमान उड़ान भर रहे हैं। हमारी मुख्य प्राथमिकता हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा है। हमारा समूह पिछले तीन दिनों से सक्रिय है। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।’
चंद्रशेखरन ने स्वीकार किया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए कारोबार में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर कारोबार कुछ दिनों या महीनों के लिए प्रभावित होता है, तो उससे उबर लिया जाएगा, लेकिन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा है। हम नागरिकों की सुरक्षा, जोखिम कम करने, कर्मचारियों की सुरक्षा और कारोबार की निरंतरता, आपूर्ति प्रणाली और अपने ग्राहकों के लिए योजना बना रहे हैं।’