नौकरी बाजार की मौजूदा जटिलता के बीच एप्रेजल साइकल भी शुरू हो गया है। ऐसे में एडेको इंडिया सैलरी गाइड 2026 का अनुमान है कि भारत में वेतन का परिदृश्य लगातार और ज्यादा चुनिंदा और कौशल की दिशा में बढ़ रहा है। पेशेवरों को उम्मीद है कि वेतन वृद्धि 6 से 10 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। इसके अलावा एआई और डिजिटल तकनीक, ईवी तथा विशिष्ट तकनीकी भूमिकाओं जैसे अधिक मांग वाले क्षेत्रों में संभावना है कि यह 10 प्रतिशत से अधिक हो सकती है।
श्रम बाजार के बदलते आयाम भी अलग कहानी बयां करते है। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 42 प्रतिशत पेशेवर सक्रिय रूप से नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं जबकि 47 प्रतिशत इसके लिए तैयार तो हैं, लेकिन वे सक्रिय रूप से खोज नहीं कर रहे हैं। इससे जटिल परिदृश्य का संकेत मिलता है।
यह बात करियर के प्रति सतर्क आशावाद दर्शाती है, जहां पेशेवर कौशल-आधारित मांग और वेतन अंतर के बीच बेहतर भूमिकाओं के लिए तैयार हैं, लेकिन आर्थिक अनिश्चितता और भर्ती के सतर्क रुख के कारण नपे-तुले कदम उठा रहे हैं। उदाहरण के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के क्लीनिकल अनुसंधान एवं नियामकीय रोजगारों की श्रेणी में नौकरी बदलने पर पैकेज में 20 से 35 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसी तरह फिनटेक और डेटा फाइनैंस क्षेत्र में खास या अधिक कौशल वाली भूमिकाओं में 30 से 40 प्रतिशत के बीच उम्मीद की जा सकती है।
आईटी क्षेत्र में एआई/एमएल इंजीनियरों, डेटा इंजीनियरों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के वेतन में लगभग 10 से 12 प्रतिशत के आसपास उछाल संभव है, जबकि फुल स्टैक, क्लाउड और डेवऑप इंजीनियर जैसी अन्य डिजिटल भूमिकाओं में आम तौर पर 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जो अब भी बाजार के औसत से ऊपर है।
एडेको इंडिया के कंट्री मैनेजर सुनील सी ने कहा, ‘जब हम एडेको इंडिया 2026 सैलरी गाइड जारी कर रहे हैं, तो हमें भारत के रोजगार परिदृश्य में अधिक सावधानी से चयन, कौशल-संचालित मॉडल की दिशा में स्पष्ट बदलाव दिख रहा है, क्योंकि डिजिटल परिवर्तन और ऑटोमेशन प्रतिभा की मांग को नया आकार दे रहे हैं।’