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Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट संकट गहराया, Nasscom ने आईटी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का दिया निर्देश

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच नासकॉम ने क्षेत्र में कार्यरत आईटी कर्मचारियों को एहतियातन वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी है।

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अविक दास   
Last Updated- March 03, 2026 | 11:30 AM IST

Iran Israel War: पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच देश की आईटी इंडस्ट्री के शीर्ष संगठन NASSCOM ने अपने सदस्य कंपनियों को अहम सलाह जारी की है। संगठन ने क्षेत्र में कार्यरत आईटी पेशेवरों से फिलहाल घर से काम करने की व्यवस्था अपनाने को कहा है, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नासकॉम ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वह पश्चिम एशिया के विभिन्न हिस्सों में तेजी से बदलते हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। संगठन ने यह भी बताया कि वह अपने मिडिल ईस्ट काउंसिल के संपर्क में है और क्षेत्र में मौजूद सभी कर्मचारियों को स्थानीय भारतीय दूतावासों से नियमित संपर्क में रहने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

दरअसल, हाल के दिनों में क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब United States और Israel ने Iran पर संयुक्त कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका समर्थक खाड़ी देशों पर हमले किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

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हालांकि नासकॉम ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आईटी उद्योग का कामकाज सामान्य रूप से जारी है। कंपनियां स्थिति पर सतर्क निगरानी रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कंपनियों ने अपने बिजनेस कंटीन्यूटी प्लान को सक्रिय कर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में सेवाओं पर असर न पड़े।

भारतीय आईटी कंपनियां जैसे Tata Consultancy Services, Infosys और Wipro ने भी अपने कर्मचारियों को अलग से एडवाइजरी जारी की है। इन कंपनियों ने कर्मचारियों से स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है।

गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र भारतीय आईटी कंपनियों के लिए उभरता हुआ बाजार रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इन कंपनियों ने वहां की बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों और सरकारी संस्थाओं के साथ कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। हालांकि कुल राजस्व में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी अभी भी अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों की तुलना में कम है, फिर भी भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।

First Published : March 3, 2026 | 11:30 AM IST