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इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के लिए PLI योजना की तैयारी, 35,000 करोड़ रुपये के इस प्लान से सब-असेंबली को मिलेगा बढ़ावा

भारत में सब-असेंबली उत्पादन बढ़ाने से मोबाइल फोन जैसे सामान में 25 से 28 प्रतिशत तक मूल्य संवर्धन के आसार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा

Last Updated- July 22, 2024 | 8:50 PM IST
इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के लिए PLI योजना की तैयारी, 35,000 करोड़ रुपये की इस योजना से सब-असेंबली को मिलेगा बढ़ावा, Rs 35K cr electronic parts PLI plan afoot to give sub-assemblies a leg up

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के लिए प्रस्तावित उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के वास्ते 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित करने के लिए तैयार है, ताकि देश को सब-असेंबली के लिए वैश्विक केंद्र में बदला जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

विभिन्न पुर्जों और हिस्सों वाली यह सब-असेंबली पूरा उत्पाद बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण होती है। योजना के तहत वर्गीकृत की गई सब-असेंबली में कैमरा मॉड्यूल (जिसमें कनेक्टर, सेंसर, लेंस, गोल्डन वायर और ग्लू जैसे घटक शामिल हैं), डिस्प्ले असेंबली मैकेनिकल हिस्से (रेजिन, मेश, एडहेसिव, फिल्म और गैसकेट), बैटरी पैक, बैटरी चार्जर और वाइब्रेटर शामिल हैं।

आकलन के मुताबिक भारत में इन सब-असेंबली के उत्पादन को बढ़ाने से मोबाइल फोन जैसे उपकरणों में 25 से 28 प्रतिशत तक मूल्य संवर्धन हो सकता है, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। अलबत्ता सब-असेंबली के लिए जरूरी निवेश का दायरा उत्पादन के स्तर के हिसाब से 500 करोड़ रुपये से लेकर 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा तक का है। विभिन्न बाजारों में पहले से स्थापित व्यापक वैश्विक क्षमताओं की वजह से कैमरा मॉड्यूल के लिए लेंस जैसे मुख्य घटकों के लिए इससे भी ज्यादा निवेश की जरूरत होती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, ‘पुर्जों की इस पीएलआई योजना के साथ सरकार का उद्देश्य भारत को सब-असेंबली निर्यात के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।’ उन्होंने कहा, ‘प्रोत्साहन देने के लिए हम सब-असेंबली की पहचान कर चुके हैं। हमने वैश्विक बाजार की क्षमता और उन संभावित कंपनियों को देखा है जो इसमें रुचि ले सकती हैं।’

सेमी-कंडक्टर की कार्य योजना के बारे में अधिकारी ने बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रौद्योगिकी भागीदार पीएसएमसी 28 एनएम वेफर्स के विनिर्माण के लिए तकनीक प्रदान करेगी। इससे कम नोड के लिए प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के प्रयास चल रहे हैं। स्वदेशी प्रौद्योगिकी टीम तैयार करने के लिए 115 से ज्यादा अत्यधिक योग्य इंजीनियरों की भर्ती पहले ही की जा चुकी है।

अधिकारी ने कहा ‘हमें रिवर्स ब्रेन ड्रेन नजर आ रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र में काम करने वाले कई भारतीय पूर्वी एशिया और अमेरिका से वापस आ रहे हैं।’ टाटा ने प्रतिभाओं को वापस लाने के लिए ताइवान और अमेरिका जैसे देशों में रोड शो किए हैं।

First Published - July 22, 2024 | 8:50 PM IST

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