facebookmetapixel
Advertisement
वैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडरकोटक बैंक ने सावधि जमा धोखाधड़ी मामले में दर्ज की शिकायत

Adani, Vedanta से लेकर Jindal तक, 26 दिग्गज कंपनियों ने JAL को खरीदने में दिखाई रुचि; निवेशकों को मिली नई उम्मीदें

Advertisement

JAL को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया है। यह फैसला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने 3 जून, 2024 को दिया था।

Last Updated- April 06, 2025 | 5:13 PM IST
Justice
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

संकट से जूझ रही इंडस्ट्री ग्रुप जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की संपत्तियों को खरीदने के लिए 26 बड़ी कंपनियों और संस्थानों ने रुचि दिखाई है। इनमें अदाणी एंटरप्राइजेज, वेदांता, जिंदल इंडिया पावर, कोटक अल्टरनेट असेट मैनेजर्स और पतंजलि आयुर्वेद जैसी जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डालमिया सीमेंट, असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड, जेसी फ्लावर्स असेट रिकंस्ट्रक्शन, टोरेंट पावर, जिंदल पावर, ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, GRM बिजनेस और ओबेरॉय रियल्टी जैसी संस्थाएं भी इस दौड़ में शामिल हैं। यह जानकारी एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए सामने आई है।

JAL को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया है। यह फैसला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने 3 जून, 2024 को दिया था। कंपनी पर वित्तीय संकट का बोझ बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते उसकी संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इच्छुक कंपनियों को अपनी रुचि (EOI) जमा करने की आखिरी तारीख 25 मार्च, 2025 थी। अब इन 26 संभावित खरीदारों को JAL के लिए आवेदक के तौर पर देखा जा रहा है।

कंपनी पर भारी कर्ज का बोझ

JAL पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज है, जो इसके वित्तीय लेनदारों का दावा है। इस कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा नेशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) का है। NARCL एक सरकारी कंपनी है, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने अपना कर्ज ट्रांसफर किया है। इससे पहले अगस्त 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने JAL को 30 कंपनियों की सूची में शामिल किया था, जिन्हें एनसीएलटी में भेजने का निर्देश दिया गया था। यह RBI की दूसरी लिस्ट थी। इससे पहले जून 2017 में JAL की सहायक कंपनी जेपी इंफ्राटेक को 12 बड़ी कंपनियों की पहली लिस्ट में शामिल किया गया था, जिसे “डर्टी डजन” के नाम से जाना जाता है।

बता दें कि JAL एक बड़ा इंडस्ट्री ग्रुप है, जो इंजीनियरिंग, निर्माण, सीमेंट, बिजली, रियल एस्टेट और एक्सप्रेसवे व हाईवे जैसे क्षेत्रों में काम करता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब होती गई, जिसके चलते उसे दिवालियापन प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। अब इन 26 कंपनियों की रुचि से JAL को नया जीवन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह प्रक्रिया न केवल कंपनी के भविष्य को तय करेगी, बल्कि इसके कर्जदाताओं को भी राहत दिलाने में मदद कर सकती है।

Advertisement
First Published - April 6, 2025 | 4:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement