facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

ऑफिस स्पेस की मांग के मामले में भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी फर्मों को छोड़ा पीछे : रिपोर्ट

Last Updated- April 05, 2023 | 4:43 PM IST
Most Indian professionals like to be in office, back hybrid work: LinkedIn

भारतीय कंपनियों ने लीज/पट्टे (lease) पर कार्यालय स्थल लेने के मामले में चालू कैलेंडर साल की पहली जनवरी-मार्च की तिमाही में अमेरिकी फर्मों को पीछे छोड़ दिया है।

पहली तिमाही में कार्यालय स्थल की कुल मांग में घरेलू कंपनियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत रही है। संपत्ति सलाहकार सीबीआरई इंडिया ने यह जानकारी दी है।

पिछले साल यानी 2022 पहली भारतीय कंपनियों ने पट्टा गतिविधियों में अमेरिकी फर्मों को पीछे छोड़ा था। सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड ने बुधवार को अपनी कार्यालय रिपोर्ट के निष्कर्षों को जारी करते हुए कहा कि देश के नौ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च की अवधि के दौरान कार्यालय स्थल की मांग सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 1.26 करोड़ वर्ग फुट हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में 1.16 करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर दिया गया था।

सीबीआरई ने बयान में कहा, ‘‘इससे पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) की तरह, घरेलू कंपनियों ने तिमाही पट्टा गतिविधियों के मामले में अमेरिकी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।’’

देश के नौ प्रमुख शहरों में कार्यालय स्थल की कुल मांग वर्ष 2022 में 40 प्रतिशत बढ़कर 5.66 करोड़ वर्ग फुट रही। 2021 में यह आंकड़ा 4.05 करोड़ वर्ग फुट रहा था। पिछले वर्ष के दौरान कुल पट्टे पर दिये गये कार्यालय स्थल में से 2.78 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र घरेलू कंपनियों ने जबकि 2.04 करोड़ वर्ग फुट अमेरिकी कंपनियों ने लिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में कुल 1.26 करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्थल में बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई की हिस्सेदारी 62 प्रतिशत रही।’’

सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका) ने कहा, ‘‘मौद्रिक तंगी, मुद्रास्फीति, विकसित देशों में मंदी और भू-राजनीतिक दबाव के चलते 2023 में किराये पर कार्यालय स्थल लेने वालों की विस्तार योजना प्रभावित हो सकती है और साथ ही उनकी निर्णय लेने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।’’

हालांकि, मैगजीन ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के किराये पर कार्यालय लेने के फैसले पर इन स्थितियों के प्रभाव की पहचान अभी तक नहीं की गई है। उनका अनुमान है ‘‘इस वर्ष की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में पट्टा गतिविधियों में तेजी आ सकती है क्योंकि भारत उच्च-कुशल प्रतिभा का एक आकर्षक और किफायती स्रोत बना रहेगा।’

First Published - April 5, 2023 | 4:43 PM IST

संबंधित पोस्ट