facebookmetapixel
Advertisement
RCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुखसंघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पारGold Rate: तेल महंगा होने से सोना 2% फिसला, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोरEditorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ान

फरवरी में M&A डील्स का धमाका: 7.2 बिलियन डॉलर की हुई कुल डील, 226 बड़े सौदे हुए, भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड

Advertisement

फरवरी में 85 मर्जर और एक्विजिशन (M&A) सौदों की घोषणा हुई, जिनकी कीमत 4.8 बिलियन डॉलर थी। घरेलू सौदों ने M&A वॉल्यूम का 68 प्रतिशत और कुल वैल्यू का 78 प्रतिशत हिस्सा बनाया।

Last Updated- March 15, 2025 | 3:19 PM IST
Deal
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

भारत ने फरवरी में डील एक्टिविटी में रिकॉर्ड तोड़ उछाल देखा। इस दौरान 226 मर्जर और एक्विजिशन (M&A) और प्राइवेट इक्विटी सौदे हुए, जिनकी कुल कीमत 7.2 बिलियन डॉलर रही। ग्रांट थॉर्नटन भारत की डीलट्रैकर रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले तीन सालों में किसी एक महीने में सबसे ज्यादा डील वॉल्यूम है। इस रिपोर्ट में कहा गया, “यह फरवरी 2024 की तुलना में वॉल्यूम में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी और वैल्यू में 5.4 गुना बढ़ोतरी को दिखात है, जबकि पिछले महीने की तुलना में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।”

फरवरी में 85 मर्जर और एक्विजिशन (M&A) सौदों की घोषणा हुई, जिनकी कीमत 4.8 बिलियन डॉलर थी। घरेलू सौदों ने M&A वॉल्यूम का 68 प्रतिशत और कुल वैल्यू का 78 प्रतिशत हिस्सा बनाया। आउटबाउंड डील्स में तेजी आई, जबकि इनबाउंड डील वैल्यू में भारी गिरावट देखी गई।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया, “वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, जिसमें भारतीय सार्वजनिक बाजारों में विदेशी निवेश में कमी और संभावित व्यापार टैरिफ शामिल हैं, भारतीय डीलस्केप ने मजबूत घरेलू मांग के कारण लचीलापन दिखाया।” जेन टेक्नोलॉजीज और निटको लिमिटेड प्रमुख अधिग्रहणकर्ता रहे, जिनमें से प्रत्येक ने चार कंपनियों का अधिग्रहण किया और वॉल्यूम बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कई बड़े सौदे फरवरी में पूरे

फरवरी में बड़े सौदों में ओएनजीसी-एनटीपीसी ग्रीन का अयाना रिन्यूएबल पावर का 2.3 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण शामिल था। प्राना ग्रुप ने ओवेन्स कॉर्निंग के ग्लास रिइन्फोर्समेंट बिजनेस को 755 मिलियन डॉलर में खरीदा, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कुल वैल्यू का 89 प्रतिशत था। मीडिया और एंटरटेनमेंट सेगमेंट में स्पोर्ट्स और गेमिंग सौदों में तेज उछाल देखा गया, जिसमें टोरेंट ग्रुप ने इरेलिया स्पोर्ट्स (गुजरात टाइटन्स) को 872 मिलियन डॉलर में खरीदा।

कुल 141 लेनदेन, जिनकी कीमत 2.4 बिलियन डॉलर थी, प्राइवेट इक्विटी (PE) सौदों का हिस्सा बने। रिपोर्ट के अनुसार, यह मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा PE वॉल्यूम था, जो नवंबर 2024 से लगातार महीने-दर-महीने बढ़ रहा है। अर्ली-स्टेज निवेश ने कुल PE वॉल्यूम का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बनाया।

प्रमुख PE लेनदेन में क्यूब हाइवेज का दो सड़क परियोजनाओं (काजीगुंड एक्सप्रेसवे और अठांग जम्मू उधमपुर हाइवे) में 487 मिलियन डॉलर का निवेश और मल्टीपल्स अल्टरनेट असेट मैनेजमेंट का क्यूबर्स्ट टेक्नोलॉजीज में 200 मिलियन डॉलर का निवेश शामिल था।

रिपोर्ट में कहा गया, “M&A स्पेस में फरवरी में विरोधाभासी रुझान देखे गए, जिसमें पिछले चार महीनों से वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है, जबकि दिसंबर 2024 से वैल्यू में गिरावट जारी है। फरवरी 2025 में रिकॉर्ड मासिक वॉल्यूम देखा गया, जिसमें घरेलू सौदे प्रमुख रहे, जो वॉल्यूम का 68 प्रतिशत और वैल्यू का 78 प्रतिशत थे।”

Advertisement
First Published - March 15, 2025 | 3:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement