facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Agnibaan Rocket: ‘अग्निबाण’ रॉकेट के उड़ान की अग्निकुल कॉसमॉस कर रही तैयारी, श्रीहरिकोटा से होगा प्रक्षेपण

Agnibaan SOrTeD एकल चरण वाला प्रक्षेपण वाहन है जो अग्निकुल के पेटेंट प्राप्त अग्निलेट इंजन द्वारा संचालित होता है

Last Updated- August 17, 2023 | 9:24 PM IST
Chennai-based Agnikul prepares for maiden sub-orbital flight of Agnibaan rocket

स्काईरूट एयरोस्पेस (kyroot Aerospace) के बाद चेन्नई स्थित अग्निकुल कॉसमॉस कंपनी श्रीहरिकोटा स्थित अपने प्रक्षेपण पैड से अपने 3डी-प्रिंटेड रॉकेट ‘अग्निबाण सबऑर्बिटल टेक्नोलॉजिकल डिमॉन्स्ट्रेटर’ (Agnibaan SubOrbital Technological Demonstrator-SOrTeD) की उपकक्षीय परीक्षण उड़ान को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘अग्निबाण सोर्टेड’ एकल चरण वाला प्रक्षेपण वाहन है जो अग्निकुल के पेटेंट प्राप्त अग्निलेट इंजन द्वारा संचालित होता है जो पूरी तरह से 3 डी-प्रिंटेड, सिंगल-पीस, 6 केएन सेमी-क्रायोजेनिक इंजन है।

इसमें कहा गया, ‘अग्निकुल ने आने वाले कुछ हफ्तों में अपनी पहली उड़ान पूरी करने की योजना बनाई है।’ अग्निबाण सोर्टेड का अनावरण 15 अगस्त को श्रीहरिकोटा में अग्निकुल के मिशन नियंत्रण केंद्र (एएमसीसी) में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक ए राजाराजन और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं अनुमोदन केंद्र के अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया था।

स्काईरूट एरोस्पेस पिछले साल नवंबर में देश में उपकक्षीय उड़ान भरने वाली पहली निजी कंपनी बन गई थी जब विक्रम-एस रॉकेट ने श्रीहरिकोटा में इसरो के प्रक्षेपण पैड से उड़ान भरी थी और यह 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा था।

First Published - August 17, 2023 | 9:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट