facebookmetapixel
Advertisement
टाटा संस में बड़ा बदलाव: एन. चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, फरवरी तक रहेंगे चेयरमैनबाजार खुलते ही 10% टूटा गोदरेज ग्रुप का ये स्टॉक, ब्रोकरेज हैं बुलिश, 59% तक रिटर्न संभवचंद्रशेखरन के हटने की खबरों का टाटा समूह के शेयरों पर दिखेगा असर! क्या कहते हैं जानकारटाटा संस में बड़ा बदलाव संभव! AGM से पहले चेयरमैन पद छोड़ सकते हैं एन चंद्रशेखरनGold silver price today: निवेश मांग व केंद्रीय बैंकों की खरीद से सोना ₹1,182 तेज, चांदी ₹2,314 चढ़ीOpening Bell: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स करीब 250 अंक फिसला, निफ्टी 24400 के नीचेStocks to Watch: टाटा मोटर्स, IRCTC, BEML समेत इन स्टॉक्स पर रखें नजर; खबरों के दम पर दिखेगा एक्शनऑटो सेक्टर को PLI स्कीम के तहत FY27 में ₹4,700 करोड़ देगी सरकार, निवेश बढ़ाने की तैयारी तेजटाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव

रुपया हुआ मजबूत, शेयर बाजार की रफ्तार ने दी नई उड़ान; निवेशकों में लौटी उम्मीद

Advertisement

डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 86.05 पर बंद हुआ जबकि यह गुरुवार को 86.70 पर बंद हुआ था। रुपया बीते सप्ताह 85.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 

Last Updated- April 11, 2025 | 11:06 PM IST
rupees
प्रतीकात्मक तस्वीर

रुपये में एक दिन में दो वर्ष की सर्वाधिक उछाल आज  दर्ज हुई। घरेलू मुद्रा में मार्च, 2023 के बाद सर्वाधिक उछाल आई। डीलरों के मुताबिक अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट और घरेलू शेयर बाजारों में उछाल के कारण रुपये में 0.75 प्रतिशत की मजबूती दर्ज हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 86.05 पर बंद हुआ जबकि यह गुरुवार को 86.70 पर बंद हुआ था। रुपया बीते सप्ताह 85.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 

बीते दो सत्रों में डॉलर के मुकाबले रुपये में कुछ मजबूती आई। इसका कारण यह था कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यस्था की विकास संबंधित चिंताओं के कारण डॉलर की चमक फीकी पड़ गई थी। दरअसल, अमेरिका ने चीन के अलावा ज्यादातर देशों पर ‘जवाबी’ शुल्क लगाने को रोक दिया है लेकिन इससे डॉलर को मदद नहीं मिली। यूरो की तुलना में डॉलर का आधार घट रहा है और अधिक सुरक्षित मुद्राओं जैसे जापानी येन और स्विस फ्रैंक की ओर रुख किया जा रहा है। 

इस कैलेंडर वर्ष में रुपये में 0.51 प्रतिशत की गिरावट आई। इस क्रम में अप्रैल में घरेलू मुद्रा में 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘रुपया डॉलर सूचकांक का अनुसरण कर रहा था और एशिया की सभी मुद्राओं ने बढ़त दर्ज की।’ उन्होंने कहा, ‘लिहाजा रुपये की खरीदारी की मांग स्वाभाविक रूप से थी।’

बीते सप्ताह तक डॉलर के मुकाबले रुपया बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने के कारण रुपया 85 डॉलर के पार चला गया था। 

डॉलर सूचकांक तीन साल में सर्वाधिक 0.7 प्रतिशत गिरकर 99.75 प्रतिशत पर आ गया। इसका कारण यह था कि अमेरिका की व्यापार नीति में बदलाव इस देश को मंदी की ओर लेकर जा सकते हैं। इससे अमेरिकी परिसंपत्तियों में निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। डॉलर सूचकांक छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती का आकलन करता है। इस बीच एक वर्षीय निहित अग्रिम प्रीमियम 8 आधार अंक घटकर 2.25 प्रतिशत रह गया। 

सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘रुपया 85.50 से 86.50 प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है और इसमें मूल्य वृद्धि का रुझान है।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक अग्रिम मार्केट में इस महीने परिपक्व होने वाले अनुबंधों को स्वीकार करेगा। इसका कारण यह है कि हम जितनी राशि का प्रवाह देख रहे हैं, वह परिपक्वता राशि का ध्यान रखेगा।’

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement