facebookmetapixel
Advertisement
हमले से पहले बासमती चावल के गोदाम भर रहा था ईरानहोर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ेंगी मुश्किलें, भारत समेत एशियाई देशों में बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दामईरानी हमलों के बाद कतर ने LNG उत्पादन रोका, भारत ने उद्योगों के लिए गैस की सप्लाई घटाईभारत संघर्ष समाप्त करने के पक्ष में कर रहा आवाज बुलंद, खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकतादेश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार, वैकल्पिक आयात मार्गों पर फोकस: हरदीप सिंह पुरीनिवेश लक्ष्य की दूरी के हिसाब से ही हो लाइफ साइकल फंड की मियादमहंगे नए घरों के बीच रीसेल प्रॉपर्टी की बढ़ी मांग, खरीद से पहले बरतें ये जरूरी सावधानियांEV Insurance: ईवी में बाहर का चार्जर लगाएंगे तो बैटरी का बीमा नहीं पाएंगेतीसरी तिमाही में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर, NSE 200 में घटा डाउनग्रेड दबावIndia-US Trade Deal: भारत को 6 महीने के अंदर तय करना होगा कोई एक मानक

US-Israel Strikes On Iran: ईरान की धमकी पर अमेरिका आगबबूला, ट्रंप बोले अबकी बार होगा करारा प्रहार

Advertisement

अमेरिका की कड़ी चेतावनी और Donald Trump के दावे के बीच Ayatollah Ali Khamenei को लेकर अनिश्चितता ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है।

Last Updated- March 01, 2026 | 1:19 PM IST
President Donald Trump
President Donald Trump

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान ने हमलों को और तेज किया तो अमेरिका ऐसी जवाबी कार्रवाई करेगा, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई होगी।

सोशल मीडिया पर सख्त संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए यह चेतावनी जारी की। उन्होंने लिखा कि ईरान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह आज पहले से कहीं ज्यादा तीखा हमला करेगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर ऐसा होता है तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ जवाब देगा।

ईरान की ओर से बढ़े तेवर

रविवार सुबह ईरान की ओर से दिए गए बयानों में हमले तेज करने की बात कही गई। इससे पहले ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या की पुष्टि की थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव और बढ़ गया है। ईरान के भीतर आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है और सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया के संकेत दिए गए हैं।

क्या बढ़ सकता है टकराव

अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं। हालिया घटनाक्रम ने दोनों देशों के संबंधों को और संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो मध्य पूर्व क्षेत्र में बड़ा टकराव हो सकता है।

ईरान की सत्ता पर अनिश्चितता, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

अमेरिका और इजरायल की ओर से शनिवार को शुरू हुए बम हमलों के बीच ईरान की सत्ता के केंद्र को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को लेकर ऐसी जानकारी सामने आई है कि उन्होंने अपनी संभावित मृत्यु की स्थिति में सत्ता हस्तांतरण की तैयारी पहले ही कर ली थी। हालांकि शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि खामेनेई की मौत हो चुकी है, लेकिन ईरान की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

चार दशक से सत्ता के शीर्ष पर रहे खामेनेई

86 वर्षीय आयतुल्ला अली खामेनेई वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। उन्होंने इस पद पर Ayatollah Ruhollah Khomeini के बाद जिम्मेदारी संभाली थी, जिन्हें ईरान की इस्लामी क्रांति का जनक माना जाता है। सर्वोच्च नेता के रूप में खामेनेई के पास व्यापक अधिकार थे। वे न केवल देश के सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकारी माने जाते थे, बल्कि सशस्त्र बलों के कमांडर इन चीफ भी थे। विदेश नीति से लेकर रक्षा और न्याय व्यवस्था तक, सभी अहम फैसलों पर अंतिम मुहर उन्हीं की होती थी।

उनके समर्थक उन्हें ईश्वर का प्रतिनिधि मानते रहे हैं, जबकि आलोचकों के अनुसार उन्होंने कठोर और केंद्रीकृत शासन शैली अपनाई। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने किसी भी तरह के असंतोष को सख्ती से दबाया। सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को लेकर उनकी सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हुई।

सत्ता हस्तांतरण की पहले से तैयारी

सूत्रों के अनुसार खामेनेई ने अपनी बढ़ती उम्र और क्षेत्रीय तनावों को देखते हुए सत्ता के सुचारु हस्तांतरण के लिए संभावित उत्तराधिकारियों पर विचार किया था। उनका मानना था कि इस्लामी गणराज्य की स्थिरता और क्रांति की विचारधारा की रक्षा सर्वोपरि है। इसी कारण उन्होंने ऐसे व्यक्तियों को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई जो उनकी नीतियों और वैचारिक रुख को आगे बढ़ा सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उनके निधन की खबर की पुष्टि होती है, तो यह व्यवस्था अब वास्तविक परीक्षा के दौर में प्रवेश करेगी। ईरान की राजनीतिक संरचना में सर्वोच्च नेता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया घरेलू राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

दावे और सच्चाई के बीच अनिश्चितता

शनिवार को डॉनल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि खामेनेई मारे गए हैं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस दावे की न तो पुष्टि की है और न ही औपचारिक खंडन किया है। ऐसे में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब तेहरान पर टिकी हैं। यदि खामेनेई के निधन की पुष्टि होती है, तो यह मध्य पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। वहीं अगर वे जीवित हैं, तो हालिया घटनाक्रम उनके नेतृत्व और सत्ता संरचना को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।

Advertisement
First Published - March 1, 2026 | 1:19 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement