facebookmetapixel
Advertisement
पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दम

Iran-Israel Conflict: खामेनेई के बाद कौन? ईरान में उत्तराधिकार की जंग तेज

Advertisement

Iran-Israel Conflict: अमेरिकी दावे के बीच खामेनेई की मौत की खबर से ईरान में सत्ता परिवर्तन और उत्तराधिकार को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है।

Last Updated- March 01, 2026 | 2:40 PM IST
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की फाइल फोटो

Iran-Israel Conflict: ईरान की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि अमेरिकी और इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई है। हालांकि ईरान की ओर से इस खबर की तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शुरुआती बयान में कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और शीर्ष नेतृत्व सुरक्षित है।

40 साल का प्रभाव और अपार शक्तियां

86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। उन्होंने इस पद पर Ruhollah Khomeini के बाद कमान संभाली थी। सर्वोच्च नेता के रूप में उनके पास सेना की कमान से लेकर विदेश नीति और न्यायिक व्यवस्था तक लगभग सभी महत्वपूर्ण निर्णयों का अंतिम अधिकार था। समर्थकों के बीच वे धार्मिक मार्गदर्शक के रूप में सम्मानित थे, जबकि आलोचक उन्हें कठोर शासक मानते थे जिन्होंने असहमति को सख्ती से दबाया।

खामेनेई स्वयं को इस्लामी क्रांति का संरक्षक मानते थे और व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। इसी वजह से उन्होंने अपने बाद की नेतृत्व व्यवस्था के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी।

उत्तराधिकारी कौन हो सकता है

ईरान के संविधान के अनुसार सर्वोच्च नेता का चयन धार्मिक विद्वानों की संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स करती है। यह पद किसी वरिष्ठ शिया धर्मगुरु को दिया जाता है। हालिया संघर्ष के दौरान, जब खामेनेई सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दे रहे थे, उन्होंने तीन संभावित नामों पर सहमति जताई थी।

इनमें न्यायपालिका प्रमुख घोलाम हुसैन मोहसिनी एजई, उनके चीफ ऑफ स्टाफ अली असगर हेजाजी और मध्यमार्गी विचारधारा के धर्मगुरु हसन खुमैनी शामिल बताए जा रहे हैं। हसन खुमैनी, आयतुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के पोते हैं और सुधारवादी धड़े से जुड़े माने जाते हैं।

खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। वे सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली माने जाते हैं, लेकिन खामेनेई सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके थे कि वे नेतृत्व को वंशानुगत रूप नहीं देना चाहते।

सत्ता का अस्थायी संचालन

संभावित खतरे को देखते हुए खामेनेई ने शासन संचालन के लिए अपने विश्वस्त सहयोगियों को अधिकार सौंप दिए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारिजानी को प्रशासनिक फैसलों में बड़ी भूमिका दी गई थी, जिससे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की भूमिका सीमित होती दिखी।

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपने बयान में कहा कि इजराइली हमलों में तेहरान स्थित उस परिसर को निशाना बनाया गया जहां खामेनेई का आवास, राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का मुख्यालय स्थित है।

देश के भीतर मिश्रित प्रतिक्रिया

तेहरान के कुछ इलाकों से ऐसी खबरें आईं कि खामेनेई के विरोधी माने जाने वाले लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखे। वहीं शासन समर्थक गुटों ने इसे देश पर बाहरी हमला करार देते हुए कड़ा प्रतिरोध करने की बात कही।

अली लारिजानी ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान इस हमले का जवाब देगा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

Advertisement
First Published - March 1, 2026 | 2:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement