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पेंट दिग्गजों पर दोहरी मार: महंगे कच्चे तेल और कड़ी प्रतिस्पर्धा ने बिगाड़ा एशियन पेंट्स का गणित

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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और नई कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण भारतीय पेंट उद्योग के मुनाफे और राजस्व वृद्धि पर संकट मंडरा रहा है

Last Updated- March 01, 2026 | 10:30 PM IST
Asian Paints
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सितंबर तिमाही के बाद वॉल्यूम वृद्धि में सुधार, प्रतिस्पर्धा में कमी और छूट में गिरावट के संकेतों से पेंट उद्योग को लेकर बना सकारात्मक माहौल क्षणिक साबित हुआ। कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी वस्तुओं के क्षेत्र में ज्यादा प्रतिस्पर्धा और सजावटी वस्तुओं के क्षेत्र में कमजोर मांग के कारण वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में यह क्षेत्र पिछड़ गया।

हालात तब और बदतर बन गए जब अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सप्ताहांत में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण इनमें और वृद्धि हो सकती है।

इस क्षेत्र के शेयरों का प्रदर्शन एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों और बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में काफी खराब रहा है। पिछले महीने शीर्ष सूचीबद्ध पेंट कंपनियों का औसत रिटर्न नकारात्मक 7.4 फीसदी यानी घाटा रहा जबकि निफ्टी एफएमसीजी का रिटर्न नकारात्मक 0.4 फीसदी और निफ्टी-50 का रिटर्न करीब-करीब स्थिर रहा।

सेंट्रम रिसर्च के अनुसार दूसरी तिमाही में पेंट कंपनियों की टिप्पणियों में सकारात्मक दृष्टिकोण है जो तीसरी तिमाही में सतर्क आशावाद दिखाता है। घरेलू सजावटी कोटिंग पर मॉनसून की लंबी अवधि और दीवाली जल्द आने का त्योहारी अवधि पर असर पड़ा। कंसाई नेरोलैक ने इस सेगमेंट में स्थिर या मामूली नकारात्मक वृद्धि दर्ज की, जबकि एशियन पेंट्स और बर्जर पेंट्स में एक अंक में वॉल्यूम वृद्धि हुई

ब्रोकरेज फर्म के गौरांग कक्कड़ के नेतृत्व में विश्लेषकों ने कहा कि तीसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन के कारण पिछले एक से तीन महीनों में पेंट कंपनियों के अधिकांश शेयरों में गिरावट आई है। उन्होंने ज्यादा प्रतिस्पर्धा और कम मूल्य वृद्धि के कारण इस क्षेत्र पर तटस्थ रुख बरकरार रखा।

देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स का तीसरी तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। इलारा सिक्योरिटीज के अनुसार सजावटी उत्पादों के सेगमेंट में धीमी वृद्धि (2.8 फीसदी) के कारण कंपनी का राजस्व अनुमान से 1.7 फीसदी कम रहा। अमित पुरोहित की अगुआई वाले विश्लेषकों के मुताबिक इस सेगमेंट के कमजोर प्रदर्शन और विकास संबंधी समस्याओं का कारण संरचनात्मक बदलाव थे। इनमें पेंटिंग चक्र में देरी और शादियों जैसे अवसरों पर खर्च में कमी शामिल है। विश्लेषकों ने कहा कि प्रतिस्पर्धा अभी भी अधिक है, कंपनियां आक्रामक रुख अपना रही हैं और एक्जो नोबेल के नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के कारण यह स्थिति रहने की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म ने बर्जर पेंट्स और कंसाई नेरोलैक को ‘जोड़े’ रेटिंग और एशियन पेंट्स को बिकवाली की रेटिंग दी है।

कई चुनौतियों को देखते हुए संगठित पेंट उद्योग की वृद्धि दर इस वर्ष और अगले वर्ष भी निम्न से मध्य एकल अंक के दायरे में रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 2025 में राजस्व वृद्धि महज 2 फीसदी रही, जिसका मुख्य कारण नए प्रतिस्पर्धियों की बाजार हिस्सेदारी के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। मूल्य निर्धारण के दबाव से जमी-जमाई कंपनियों की परिचालन लाभप्रदता प्रभावित होगी, जो पिछले वित्त वर्ष में पहले ही 300 आधार अंक घटकर 15 फीसदी रह गई थी।

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा कि स्थापित कंपनियों और इस  क्षेत्र में आई नई कंपनियों के क्षमता में भारी वृद्धि करने और हालिया विलय के कारण कीमतों पर दबाव पड़ रहा है क्योंकि कंपनियां बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए उच्च व्यापार प्रोत्साहन दे रही हैं और प्रचार संबंधी छूट चला रही हैं। स्थापित कंपनियों के लिए ये प्रोत्साहन सकल बिक्री का 17-18 फीसदी होने का अनुमान है। क्रिसिल रेटिंग्स को वित्त वर्ष 2026 और 2027 में राजस्व वृद्धि 3 से 5 फीसदी तक सीमित रहने की उम्मीद है।

मूल्य दबाव के अलावा कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भी पेंट कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। कच्चे तेल से प्राप्त टाइटेनियम डाइऑक्साइड और बाइंडर/रेजिन जैसे उत्पादों का हिस्सा कच्चे माल की लागत में 60 फीसदी से अधिक होता है और तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि कंपनियों को कीमतें बढ़ाने या मार्जिन में नुकसान उठाने के लिए मजबूर कर सकती है।

नोमूरा रिसर्च के अनुसार, पेंट उद्योग एकीकरण के दौर में प्रवेश कर रहा है और आगे चलकर बाजार हिस्सेदारी में महत्त्वपूर्ण बदलाव सीमित हो सकते हैं। नोमूरा रिसर्च ने इस क्षेत्र के लिए आम सहमति के विपरीत खरीद की सलाह दी है। उसका मानना ​​है कि प्रतिस्पर्धा का चरम बीत चुका है और आगे चलकर यह क्षेत्र तर्कसंगत रहेगा। इस क्षेत्र में एशियन पेंट्स उसकी पसंदीदा कंपनी है।

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First Published - March 1, 2026 | 10:30 PM IST

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