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Volvo India का यू-टर्न: 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनने का लक्ष्य बदला, अब बाजार तय करेगा रफ्तार

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वोल्वो कार इंडिया ने कहा कि हालांकि पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में बढ़ने की दीर्घकालिक महत्त्वाकांक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है

Last Updated- March 01, 2026 | 10:24 PM IST
Volvo Car
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वोल्वो कार इंडिया ने इले​क्ट्रिक वाहनों (ईवी) की अपनी रणनीति में फिर से सुधार किया है और साल 2030 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कार विनिर्माता बनने की अपनी पिछली प्रतिबद्धता को बदला है। अब उसने निश्चित समयसीमा निर्धारित किए बिना बाजार-आधारित दृष्टिकोण अपनाया है। 

वोल्वो कार इंडिया में प्रबंध निदेशक ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि हालांकि पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में बढ़ने की दीर्घकालिक महत्त्वाकांक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन इसे अपनाने की रफ्तार अब बुनियादी ढांचे की तैयारी, ग्राहकों की मांग और बाजारों में नीति समर्थन से तय की जाएगी।

वोल्वो कार्स ने पहले वै​​श्विक स्तर पर पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में बढ़ने का साल 2030 तय किया था। इसके बाद से उस ​स्थिति को फिर से व्यव​स्थित किया गया है। हालांकि कंपनी ने अपना आखिरी लक्ष्य बरकरार रखा है, लेकिन समयसीमा के संबंध में लचीलापन अपनाया है। मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘मकसद अब भी पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार कंपनी बनना है, लेकिन हम इसके लिए कोई तारीख तय नहीं कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि ईवी को अपनाना और पारि​स्थितिकी तंत्र का विकास अलग-अलग देशों में काफी अलग-अलग होता है, जिसके लिए बाजार संबंधी खास रणनीति की जरूरत होती है। 

भारत में वोल्वो इले​​क्ट्रिक वाहनों के मामले में पहले से ही लग्जरी कारों के बड़े बाजार से आगे है। फिलहाल कंपनी की घरेलू बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। कुल लग्जरी श्रेणी में ईवी की अनुमानित पैठ लगभग 10 से 11 प्रतिशत है। कार विनिर्माता कंपनी का लक्ष्य अब जल्द ही अपनी बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी को लगभग एक-तिहाई तक बढ़ाना है, जिसे नए मॉडलों की शुरुआत और पारि​स्थितिकी तंत्र में निवेश से मदद मिलेगी। 

इस कोशिश के तहत वोल्वो साल 2026 में दो नए इलेक्ट्रिक मॉडल लाने की योजना बना रही है – एक एसयूवी श्रेणी में और दूसरा सिडैन श्रेणी में। साथ ही, वह तेल-गैस इंजन वाले वाहनों और माइल्ड-हाइब्रिड मॉडल भी पेश करती रहेगी। यह दोहरी रणनीति कंपनी के इस नजरिये को दिखाती है कि भारत ऊर्जावान और बदलता बाजार बना हुआ है, जहां ग्राहकों की पसंद, चार्जिंग का बुनियादी ढांचा और सरकारी प्रोत्साहन अब भी जोर पकड़ रहे हैं।

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First Published - March 1, 2026 | 10:24 PM IST

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