माता-पिता हमेशा अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाने की चिंता में रहते हैं। बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या किसी मेडिकल इमरजेंसी जैसे बड़े खर्चों के लिए समय पर एक बड़ा फंड तैयार करना आसान नहीं होता। ऐसे में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक बेहद भरोसेमंद और सुरक्षित लॉन्ग-टर्म सेविंग्स ऑप्शन माना जाता है। केंद्र सरकार की इस योजना में जोखिम बिल्कुल नहीं होता, इसलिए सुरक्षित निवेश चाहने वाले अभिभावकों के लिए यह एक बेहतरीन जरिया है।
जी हां, PPF नियमों के मुताबिक माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर PPF खाता खोल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं:
यह खाता तब तक अभिभावक की देखरेख में ही चलता है जब तक बच्चा बालिग नहीं हो जाता। जैसे ही बच्चा 18 साल का होता है, उसे खाते को खुद संभालने के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में नए सिरे से अपने KYC डॉक्यूमेंट और साइन जमा करने होते हैं।
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PPF योजना अपनी तीन सबसे बड़ी खासियतों की वजह से पारंपरिक और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले परिवारों की पहली पसंद बनी हुई है:
इस स्कीम में ब्याज की गणना सालाना कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) के आधार पर होती है। सरकार हर तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है और जरूरत के अनुसार बदलाव करती है।
चूंकि इस योजना का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, इसलिए अगर माता-पिता बच्चे के जन्म के शुरुआती सालों में ही यह खाता खोल देते हैं, तो लंबे समय में कंपाउंडिंग के जादू से एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाता है। यह बड़ी रकम भविष्य में बच्चे की पढ़ाई या अन्य बड़े सपनों को पूरा करने में बहुत मददगार साबित होती है।
बच्चों के नाम पर PPF खाता खोलने से पहले निवेश की सीमाओं को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है:
PPF खाता किसी भी अधिकृत बैंक शाखा या डाकघर (Post Office) में जाकर आसानी से खोला जा सकता है। इसकी प्रक्रिया भी सामान्य PPF खाते जैसी ही होती है।
कुछ बैंक अपने नियमों और जांच प्रक्रिया के हिसाब से आपसे कुछ और जरूरी डॉक्यूमेंट भी मांग सकते हैं।
आजकल कई बैंक इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ऑनलाइन PPF खाता खोलने की सुविधा भी देते हैं। अगर माता-पिता का उसी बैंक में पहले से अकाउंट है, तो वे घर बैठे बेहद आसानी से बच्चे का माइनर PPF अकाउंट खोल सकते हैं।
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PPF 15 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ आता है, जिसका सीधा मतलब है कि यह पूरी तरह एक लंबी अवधि का निवेश है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि जरूरत पड़ने पर आपको बीच में बिल्कुल पैसे नहीं मिलेंगे।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका प्लान क्या हैं और आप टैक्स की प्लानिंग कैसे कर रहे हैं। जो परिवार बाजार के जोखिमों से दूर रहकर एक निश्चित, सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए बच्चे के नाम पर PPF खाता खोलना एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला है।
हालांकि, महंगाई की दर और लंबे समय में मिलने वाले रिटर्न को देखते हुए कई माता-पिता एक अलग रणनीति अपनाते हैं। वे सुरक्षा के लिए PPF में निवेश करने के साथ-साथ बेहतर ग्रोथ के लिए बाजार से जुड़े विकल्पों जैसे म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में भी कुछ हिस्सा लगाते हैं। इससे उनके पोर्टफोलियो में सुरक्षा और बढ़त दोनों का सही संतुलन बन जाता है।
बच्चों के मामले में सबसे बड़ा फायदा समय का होता है। जितनी छोटी उम्र में निवेश शुरू किया जाएगा, समय के साथ कंपाउंडिंग का लाभ उतना ही ज्यादा मिलेगा, जिससे भविष्य के बड़े खर्चों का बोझ आसानी से उठाया जा सकेगा।