ईरान का अमेरिका पर ‘कोई भरोसा’ नहीं है और वह वाशिंगटन के साथ बातचीत में तभी भाग लेगा जब अमेरिका इस मामले को लेकर गंभीर होगा। ये बातें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कही।
नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान बोलते हुए अराघची ने कहा कि ईरान युद्धविरामबनाए रखने के लिए काम कर रहा है ताकि कूटनीति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
अराघची ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने में भारत द्वारा निभाई जाने वाली किसी भी सकारात्मक भूमिका का ईरान स्वागत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के मध्यस्थता के प्रयास विफल नहीं हुए हैं और वे अभी भी जारी हैं।
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अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान से जुड़े मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है और उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच भरोसे की कमी लगातार वार्ताओं को प्रभावित कर रही है। अराघची के अनुसार, ईरान के पास अमेरिका पर भरोसा न करने की हर वजह है, जबकि अमेरिकियों के पास ईरान पर भरोसा करने का पूरा कारण है।
अराघची ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश नहीं की है।
क्षेत्रीय तनाव पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि हम होर्मुज स्ट्रेट से सभी जहाजों को सुरक्षित गुजारने में मदद करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशीन बनी हुई है।