facebookmetapixel
Advertisement
ITR Filing 2026: नौकरी संग फ्रीलांसिंग से भी कमाई करें तो आयकर रिटर्न कैसे भरेंTAFE की बड़ी रणनीति: यूरोप में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्च करेगी कंपनी, भारत में सस्ते मॉडल पर कामMeta को IT मंत्रालय का नोटिस, इंस्टाग्राम से बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाने का दिया निर्देश स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने भारत में 20 शाखाओं पर जड़ा ताला, अब वेल्थ मैनेजमेंट पर फोकसNSE क्वांटो क्रॉस-करेंसी डेरिवेटिव लाने की कर रहा तैयारी, निवेशकों को क्या होगा फायदा?Editorial: कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घटेंगे?भारत में क्विक कॉमर्स का बढ़ता असर, किराना स्टोर कैसे करेंगे मुकाबला?कांग्रेस से कैसे छूटा राष्ट्रवाद का मुद्दा? 2014 के बाद की रणनीति पर पुनर्विचारUP EV Subsidy: योगी सरकार ने ईवी खरीद पर दी ₹210 करोड़ से ज्यादा सब्सिडी, 43,000 से ज्यादा लोगों को मिला फायदाGold Outlook: सोने का भाव बढ़ेगा या घटेगा? अगले सप्ताह इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

बर्जर पेंट्स के शेयरों में 11% का जोरदार उछाल, चौथी तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म गदगद

Advertisement

कम होती प्रतिस्पर्धा, बेहतर वॉल्यूम रिकवरी और कीमतों में बढ़ोतरी के दम पर बर्जर पेंट्स ने Q4 में मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे FY 2027 में इसकी शानदार वापसी की उम्मीद है

Last Updated- May 16, 2026 | 9:27 AM IST
Berger Paints
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश की दूसरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी बर्जर पेंट्स के शेयर में इस हफ्ते की शुरुआत में आए नतीजों के बाद से करीब 11 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी को यह बढ़त मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन और वित्त वर्ष 27 के लिए बेहतर संभावनाओं की वजह से मिली है। सालाना आधार पर कारोबार वृद्धि पिछले 12 तिमाहियों में सबसे ऊंचे स्तर पर रही। इससे कंपनी को इस तिमाही में बिक्री में 6 फीसदी की बढ़त हासिल करने में मदद मिली।

प्रतिस्पर्धा में कमी, बिक्री में दो अंकों की बढ़त और मूल्यांकन को लेकर सहजता को देखते हुए ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर की संभावनाओं के बारे में सकारात्मक राय दी है। मार्च तिमाही में कंपनी की एकल बिक्री में सालाना आधार पर 11.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त में कीमतों में वृद्धि से पहले चैनल द्वारा किए गए स्टॉक और बाजार में मांग में सुधार का अहम योगदान रहा। बिक्री मूल्य में 6.7 फीसदी की बढ़त हुई जबकि पिछली दो तिमाहियों के दौरान बिक्री मूल्य और मात्रा में कुल बढ़त 7-8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर आ गई।

इस बदलाव में प्रीमियम इमल्शन उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता, बेहतर उत्पाद मिश्रण और चौथी तिमाही के अंत में की गई कीमतों में वृद्धि का विशेष योगदान रहा।

अब जब कीमतें बढ़ गई हैं तो इक्विरस सिक्योरिटीज के प्रणव मेहता और जिनेश कोठारी को उम्मीद है कि वैल्यू ग्रोथ वॉल्यूम ग्रोथ से आगे निकल जाएगी। हालांकि वृद्धि के चौथी तिमाही के ऊंचे स्तरों से सामान्य होने की संभावना है। इसे कीमत बढ़ने से पहले चैनल में स्टॉक जमा करने से फायदा मिला था। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 27 के लिए 9-10 फीसदी राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। बर्जर को पश्चिम बंगाल (राजस्व  का 10 फीसदी से ज्यादा) जैसे मुख्य बाजारों में सुधार से भी फायदा मिल सकता है, जिसे ज्यादा पूंजीगत खर्च और औद्योगिक गतिविधियों से मदद मिलेगी।

सिस्टमैटिक्स रिसर्च का भी मानना ​​है कि डेकोरेटिव वृद्धि के लिए बर्जर बेहतर हालत में है, जिसे मझोले और छोटे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण बाजारों के अच्छे प्रदर्शन से फायदा मिल रहा है। इन जगहों पर बर्जर की खासी मौजूदगी है। इसके अलावा, अन्य वजह में वितरण में दोहरे अंक में विस्तार, उद्योग के मुकाबले शहरी बाजारों में तीव्र वृद्धि (जो अभी कम है) और शहरी बाजारों की अगुआई में सेल्सफोर्स/फील्ड स्टाफ का खासा विस्तार शामिल है।

एक अहम सकारात्मक बात यह है कि मुकाबले की तीव्रता का स्तर घट रहा है। कंपनी ने बताया कि बिड़ला ओपस से मुकाबले की तीव्रता कम हो रही है क्योंकि कंपनी ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कीमतें ज्यादा बढ़ाई हैं। इससे कीमतों का अंतर 3-4 फीसदी तक कम हो गया है। कंपनी ने छूट/डीलर मार्जिन भी कम कर दिए हैं जो पहले ज्यादा थे। अब कंपनी के परिचालन के शुरुआती दौर की तुलना में बिक्री में बढ़ोतरी की गति धीमी हो गई है।

मुकाबले में यह कमी एक वजह है, जिसके चलते आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना ​​है कि वित्त वर्ष 24-26 के कमजोर प्रदर्शन के बाद वित्त वर्ष 27 बर्जर पेंट्स के लिए वापसी का साल साबित हो सकता है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनिरुद्ध जोशी की अगुआई में विश्लेषकों के अनुसार, यह सुधार कई वजह से हुआ है – कीमतों में 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी, बिक्री में फिर से आई तेजी, और बिड़ला ओपस की मूल्य वृद्धि- जो उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक है और इस बात का संकेत है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा का दबाव अब कम हो रहा है।

इसके अलावा, कमोडिटी की कीमतों में तेज महंगाई और व्यापारिक दुकानों में अपनी जगह खोने की आशंका के कारण छोटी/असंगठित कंपनियों पर बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में ज्यादा असर पड़ने की संभावना है।

नोमूरा रिसर्च के मिहिर पी शाह और रिया पाटनी का मानना ​​है कि वित्त वर्ष 27 में बिक्री में दो अंकों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह हैं – अनुकूल आधार पर लगातार वॉल्यूम वृद्धि, स्थिर प्रतिस्पर्धी माहौल, सहायक कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार और कीमतों में दो अंकों की बढ़ोतरी। मार्च तिमाही में, सकल मार्जिन में 150 आधार अंकों का इजाफा हुआ।

हालांकि कर्मचारियों पर खर्च में 30 आधार अंक और अन्य खर्चों में 20 आधार अंक की बढ़ोतरी के कारण इसका असर कुछ हद तक कम हो गया।

बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और प्राइसिंग से जुड़े कदमों से परिचालन मुनाफा मार्जिन 100 आधार अंक बढ़कर 16.8 फीसदी हो गया। कंपनी का मानना ​​है कि आगे कच्चे माल की ज्यादा कीमतों के कारण सकल मार्जिन पर 100-150 आधार अंकों का असर पड़ेगा, लेकिन परिचालन स्तर पर ऑपरेटिंग क्षमता, लिवरेज और लागत में बचत से इसकी भरपाई होने की संभावना है। कंपनी ने अपने परिचालन मुनाफा मार्जिन के अनुमान को 15-17 फीसदी पर बरकरार रखा है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि प्रतिस्पर्धा में कमी, परिचालन लिवरेज और लागत बचाने के उपायों से वित्त वर्ष 26 (15.4 फीसदी) के अनुकूल आधार पर वित्त वर्ष 27 में परिचालन  मुनाफा मार्जिन बढ़ सकता है।

Advertisement
First Published - May 16, 2026 | 9:27 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement