कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स के लिए अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पोर्टल पर नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल्स को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। अगर आपकी ये जानकारियां अपडेटेड रहती हैं, तो आप बिना किसी रुकावट के EPFO की ऑनलाइन सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स को UAN पोर्टल से जोड़ने और उन्हें वेरिफाई कराने से PF का पैसा निकालने (विड्रॉल), अकाउंट ट्रांसफर करने और पेंशन से जुड़े कामों में काफी आसानी हो जाती है।
आजकल नौकरी बदलने वाले या PF का पैसा निकालने की प्लानिंग कर रहे नौकरीपेशा लोगों के लिए यह प्रोसेस और भी जरूरी हो गया है। EPFO अपने सभी मेंबर्स को UAN मेंबर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन KYC अपडेट करने की सुविधा देता है।
आसान शब्दों में कहें तो PF KYC का मतलब आपके UAN अकाउंट के साथ आपकी पहचान और बैंकिंग से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को डिजिटल रूप से लिंक करना है। इन डॉक्यूमेंट्स के जरिए EPFO खाताधारक की पहचान को ऑनलाइन वेरिफाई करता है।
आमतौर पर मेंबर पोर्टल पर नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट्स को लिंक किया जा सकता है:
ऑनलाइन क्लेम को जल्दी और बिना किसी परेशानी के प्रोसेस करने के लिए इनमें से आधार, पैन और बैंक अकाउंट डिटेल्स को सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है।
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अगर आपकी KYC डिटेल्स पूरी तरह वेरिफाई हैं, तो आप EPFO की कई ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। इससे आपको ये फायदे मिलते हैं:
इसके उलट, अगर आपकी प्रोफाइल में कोई भी जानकारी अधूरी या गलत है, तो ऑनलाइन प्रोसेसिंग के दौरान वेरिफिकेशन फेल हो सकता है और आपका काम अटक सकता है।
UAN पोर्टल पर KYC की प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी जानकारियां और डॉक्यूमेंट अपने पास संभाल कर रख लें:
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आपका आधार से लिंक मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए, क्योंकि वेरिफिकेशन के आखिरी चरण में इसी नंबर पर OTP आता है।
आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके खुद ऑनलाइन अपनी KYC डिटेल्स अपडेट कर सकते हैं:
सबसे पहले EPFO के UAN मेंबर पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां अपना UAN नंबर, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड डालकर साइन इन (Log In) करें।
सफलतापूर्वक लॉग इन करने के बाद, आपको होमपेज पर ऊपर कई विकल्प दिखाई देंगे। वहां ‘Manage’ टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेन्यू में से ‘KYC’ को चुनें। इस सेक्शन में आपको पहले से लिंक डॉक्यूमेंट और नए डॉक्यूमेंट जोड़ने के विकल्प दिखेंगे।
आप जिस भी डॉक्यूमेंट को जोड़ना या अपडेट करना चाहते हैं, उस विकल्प पर क्लिक करें (जैसे- आधार, पैन, बैंक अकाउंट या पासपोर्ट)। इसके बाद मांगी गई जानकारियों को बहुत ध्यान से भरें।
सभी जरूरी जानकारियां भरने के बाद, नीचे दिए गए डिक्लेरेशन (घोषणा) बॉक्स पर टिक करें और ‘Save’ बटन पर क्लिक कर दें। ऐसा करते ही आपका डॉक्यूमेंट ‘Pending KYC’ सेक्शन में दिखाई देने लगेगा।
जानकारी सेव होने के बाद आमतौर पर आपके एम्प्लॉयर को इसे डिजिटल रूप से अप्रूव करना होता है। कंपनी से मंजूरी मिलने के बाद इसका स्टेटस बदलकर ‘Verified’ हो जाता है। कुछ मामलों में, जब आधार लिंक OTP के जरिए ऑथेंटिकेशन होता है, तो यह वेरिफिकेशन अपने आप (ऑटोमैटिक) भी हो जाता है।
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KYC अपडेट करते समय यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि आपकी जानकारियां सरकारी रिकॉर्ड्स से मैच करती हों। अक्सर लोग ये गलतियां कर बैठते हैं:
रिक्वेस्ट डालने के बाद EPF सब्सक्राइबर UAN पोर्टल पर जाकर खुद इसका स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। पोर्टल पर स्टेटस कुछ इस तरह दिखाई दे सकता है:
यदि आपकी KYC रिक्वेस्ट लंबे समय से पेंडिंग दिख रही है, तो आपको इसकी मंजूरी के लिए अपनी कंपनी या एम्प्लॉयर से संपर्क करना चाहिए।
EPFO ने अपनी ज्यादातर ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह आधार-बेस्ड बना दिया है। ऑनलाइन क्लेम फाइल करने और UAN पोर्टल की डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए आधार वेरिफिकेशन को सामान्य तौर पर जरूरी कर दिया गया है। इसलिए, यदि आप PF से पैसा निकालने या ट्रांसफर करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह पक्का कर लें कि आपका आधार सही तरीके से लिंक और वेरिफाइड हो।
कोई भी ऑनलाइन विड्रॉल या ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालने से ठीक पहले इन चार बातों की पुष्टि अवश्य कर लें:
इसके साथ ही, यह भी देख लें कि आपकी पुरानी या मौजूदा कंपनी ने पोर्टल पर आपके रोजगार और नौकरी छोड़ने की तारीख (Exit Details) को सही-सही अपडेट कर दिया है या नहीं। इन बातों का ध्यान रखने से क्लेम प्रोसेसिंग में कोई दिक्कत नहीं आती है।