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सेंसेक्स डेरिवेटिव की सफलता के 3 साल! CEO सुंदररामन राममूर्ति ने बताया कैसे बदला गेम

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राममूर्ति ने बताया कि बेहतर उत्पाद डिजाइन, गुरुवार की एक्सपायरी रणनीति और खुदरा-संस्थागत भागीदारी से सेंसेक्स डेरिवेटिव ने 3 साल में बड़ी सफलता हासिल की है

Last Updated- May 18, 2026 | 10:19 PM IST
Sundararaman Ramamurthy
बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति

सेंसेक्स डेरिवेटिव फिर से लॉन्च करने के तीन साल बाद यह अनुबंध सबसे ज्यादा सक्रिय रूप से ट्रेड किए जाने वाले ऑप्शंस में से एक बन गया है । बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति के अनुसार डेरिवेटिव सेगमेंट में एक्सचेंज को जो बढ़त मिली है, उसकी मुख्य वजह बेहतर योजना डिजाइन, एक्सपायरी वाले दिन की रणनीति में बदलाव और बाजार के प्रतिभागियों के साथ गहरा जुड़ाव है। समी मोडक को दिए ईमेल साक्षात्कार के संपादित अंश :

सेंसेक्स डेरिवेटिव लॉन्च हुए तीन साल हो चुके हैं। मुड़कर देखें तो इसकी सफलता और ट्रेडरों के बीच इसकी स्वीकार्यता के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या लगता है?

सेंसेक्स डेरिवेटिव का री-लॉन्च बाजार के प्रतिभागियों के फ़ीडबैक पर आधारित था। ये प्रतिभागी एक ऐसा प्रोडक्ट चाहते थे, जो पूरक हो और जो बड़ा हो सके। लॉन्च के समय 10 से भी कम ब्रोकरों और 30 से भी कम क्लाइंटों के पास इस कॉन्ट्रैक्ट में सौदे करने के लिए ज़रूरी सिस्टम था। हालांकि बेहतर प्रोडक्ट डिजाइन, हितधारकों के साथ जुड़ाव, उन्नत तकनीक, को-लोकेशन का विस्तार और हमारे दृष्टिकोण में आए स्पष्ट बदलाव की बदौलत हमें पूरे बाजार में जबरदस्त स्वीकार्यता मिली। यह बात इस कॉन्ट्रैक्ट की विकास यात्रा में साफ तौर पर झलकती है।

सेंसेक्स डेरिवेटिव में कितनी वृद्धि खुदरा निवेशकों की वजह से हुई है और कितनी संस्थागत निवेशकों की वजह से?

सेंसेक्स डेरिवेटिव में वृद्धि काफी व्यापक रही है। इसमें खुदरा और संस्थागत निवेशकों सहित सभी हितधारकों की मजबूत भागीदारी रही है। सेंसेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स के कुल वॉल्यूम में व्यक्तिगत निवेशकों का योगदान करीब 30 फीसदी है। इस दौरान संस्थागत भागीदारी में लगातार और स्थिर सुधार हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप लिक्विडिटी बेहतर हुई है। ट्रेडिंग करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की संख्या एक साल पहले करीब 100 थी, जो अब बढ़कर 500 से ज्यादा हो गई है।

बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में उत्पाद डिजायन और एक्सपायरी के दिन की रणनीति ने क्या भूमिका निभाई है?

हमारा ध्यान प्रोडक्ट की महत्त्वपूर्ण कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने पर रहा है। हमारी रणनीति में बाजार प्रतिभागियों के लिए उपयुक्त इष्टतम लॉट साइज और अलग एक्सपायरी तारीख सुरू करना थी, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई, जो उस समय उपलब्ध एकमात्र दिन था। फिर सेबी की एकल एक्सपायरी व्यवस्था के तहत इसे मंगलवार में स्थानांतरित किया गया और अंततः बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे गुरुवार किया गया। ऐतिहासिक रूप से हमने पाया है कि बाजार प्रतिभागियों के लिए एक्सपायरी के दिन के लिहाज से गुरुवार सबसे अच्छा रहता है।

डेरिवेटिव में बीएसई किन बड़े नए प्रोडक्ट लॉन्च या इनोवेशन पर काम कर रहा है?

हमें तीन नए मासिक इंडेक्स डेरिवेटिव बीएसई फोकस्ड आईटी, फोकस्ड मिडकैप और सेंसेक्स नेक्स्ट 30 के लिए नियामकीय मंजूरी मिल गई है।

डेरिवेटिव में खुदरा निवेशकों की भागीदारी को लेकर नियामकीय निगरानी बढ़ रही है। बाजार की वृद्धि और निवेशकों की सुरक्षा के बीच बीएसई संतुलन कैसे बनाता है?

निवेशकों की सुरक्षा और बाजार की वृद्धि ये दोनों एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्य नहीं हैं। बाजारों को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए इन दोनों का साथ-साथ चलना जरूरी है। एक मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर संस्था के तौर पर बीएसई की भूमिका सिर्फ कुशल ट्रेडिंग को आसान बनाना ही नहीं है बल्कि ज़िम्मेदार भागीदारी और सोच-समझकर निवेश करने में मदद करना भी है।

आपके दूसरे कार्यकाल के विस्तार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है?

नियुक्तियों और कार्यकाल से जुड़े मामले सेबी के नियमों और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के नियमों से नियंत्रित होते हैं। इसलिए, इस तरह की किसी भी चर्चा पर टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।

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First Published - May 18, 2026 | 10:16 PM IST

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